नीमच के फव्वारा चौक क्षेत्र में उस समय हड़कंप मच गया, जब जवाहर नगर निवासी 65 वर्षीय योग शिक्षक अचानक बेहोश होकर गिर पड़े। आसपास मौजूद लोग घबरा गए, लेकिन पास ही गुजर रहे कंजार्डा चौकी प्रभारी श्यामलाल कुमावत ने स्थिति को तुरंत समझते हुए बिना समय गंवाए सीपीआर देना शुरू कर दिया। एएसआई की सूझबूझ और प्रशिक्षण ने संकट की घड़ी में कमाल कर दिया। प्राथमिक उपचार के साथ ही एंबुलेंस इंतजार न करते हुए चौकी प्रभारी ने हालत गंभीर देखते हुए उन्होंने मानवता का परिचय देते हुए अपने वाहन से ही बुजुर्ग को तुरंत अस्पताल पहुंचाया। समय पर मिले उपचार से उनकी हालत स्थिर हो सकी और एक बड़ी अनहोनी टल गई। परिवारजनों ने भावुक होकर पुलिसकर्मी का आभार व्यक्त किया और कहा कि उनकी तत्परता और साहस से उनके अपने को नई जिंदगी मिली है। स्थानीय लोगों ने भी इस सराहनीय कार्य की प्रशंसा करते हुए कहा कि नीमच पुलिस ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वर्दी केवल कर्तव्य नहीं, बल्कि सेवा और संवेदनशीलता का प्रतीक है। यह घटना समाज के लिए भी एक संदेश है कि आपात स्थिति में समय पर दी गई सहायता और सीपीआर जैसी प्राथमिक चिकित्सा किसी के लिए जीवनदान बन सकती है।