KHABAR: म.प्र.पेयजल परीरक्षण अधिनियम के तहत नलकूप खनन पर प्रतिबंध, पढ़े खबर

MP 44 NEWS April 4, 2025, 12:52 pm Technology

नीमच - कलेक्‍टर एवं जिला दण्‍डाधिकारी हिमांशु चंद्रा द्वारा म.प्र.पेयजल परीरक्षण अधिनियम 1986 के तहत नीमच जिले को जल अभावग्रस्‍त क्षेत्र घोषित किया गया है। इसके तहत जारी आदेशानुसार नीमच जिले में सभी जल स्‍त्रोतो नदी, बांध, नहर, जल धारा, झरना, झील, जलाशय, नलकूप या कुओं एवं किसी भी साधन से पेयजल प्रायोजन के लिए जल उपयोग करने पर प्रतिबंध लगा दिया है। साथ ही जिले में निरंतर भू-जल स्‍तर में गिरावट एवं ग्रीष्‍मकाल में गंभीर पेयजल संकट की संभावना को ध्‍यान में रखते हुए संपूर्ण जिले में अशासकीय एवं निजी नलकूपों के खनन पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है। इस प्रतिबंधात्‍मक आदेश के तहत जिले की सीमा में बगैर अनुमति के कोई भी नलकूप खनन, बोरिंग मशीन न तो प्रवेश करेगी और न ही बिना अनुमति के कोई खनन करेंगी। प्रत्‍येक राजस्‍व एवं पुलिस अधिकारी ऐसी बोरिंग मशीनों, जो अवैध रूप से जिले में प्रतिबंधित स्‍थानों पर प्रवेश करेगी अथवा नलकूप बोरिंग का प्रयास करेगी। उन मशीनों को जप्‍त कर, पुलिस में एफआईआर दर्ज कराएंगे और जप्‍त की गई मशीनें तहसीलदार के आधिपत्‍य में रहेगी। इस आदेश का उल्‍लंघन करने पर प्रथम अपराध पर 5 हजार के जुर्माना और इसके बाद प्रत्‍येक अपराध के लिए 10 हजार रूपये का जुर्माना या दो वर्ष तक का कारावास के दण्‍ड से दण्डित किया जा सकेगा। कलेक्‍टर ने लोक स्‍वास्‍य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन यंत्री एवं सहायक यंत्रियों को इस आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए है। यह आदेश तत्‍काल प्रभाव से 30 जून 2025 तक प्रभावशील रहेगा।

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