नई दिल्ली/प्रतापगढ़। राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले के निवासियों के लिए एक ऐतिहासिक खुशखबरी सामने आई है। केंद्र सरकार ने बहुप्रतीक्षित नीमच-बांसवाड़ा-दाहोद नई रेल लाइन के मार्ग में बड़ा बदलाव करते हुए इसे अब प्रतापगढ़ शहर से जोड़ने का निर्णय लिया है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि कर दी है। चित्तौड़गढ़ सांसद सी.पी. जोशी द्वारा लगातार की जा रही मांग और उनके पत्र (दिनांक 09.03.2026) पर संज्ञान लेते हुए रेल मंत्रालय ने यह महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सांसद जोशी ने जनहित और क्षेत्र के विकास को देखते हुए इस नई रेल लाइन को प्रतापगढ़ शहर के मुख्य केंद्र से जोड़ने का आग्रह किया था। रेल मंत्री का आधिकारिक पत्र सांसद जोशी को लिखे अपने पत्र में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि "नीमच-बांसवाड़ा-दाहोद नई रेल लाइन का 'अलाइनमेंट सर्वे' वर्तमान में प्रगति पर है। इस बीच, पश्चिम रेलवे को स्पष्ट निर्देश दे दिए गए हैं कि इस नई रेल लाइन का अलाइनमेंट प्रतापगढ़ शहर से होकर ही निकाला जाए।" इस निर्णय से प्रतापगढ़ जिले की दशकों पुरानी रेल कनेक्टिविटी की मांग पूरी होने की राह आसान हो गई है। रेल लाइन के प्रतापगढ़ शहर से जुड़ने के कई बड़े फायदे होंगे। प्रतापगढ़ के कृषि और स्थानीय व्यापार को नए बाजार मिलेंगे। मध्य प्रदेश (नीमच) और गुजरात (दाहोद) के साथ सीधा जुड़ाव होने से आवागमन सुगम होगा। शहर से रेल लाइन गुजरने के कारण औद्योगिक इकाइयों और रोजगार के नए अवसरों का सृजन होगा। क्षेत्र के धार्मिक और प्राकृतिक पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होगी। सर्वे का काम तेज रेल मंत्रालय के निर्देशों के बाद अब पश्चिम रेलवे नए सिरे से अलाइनमेंट की रूपरेखा तैयार कर रहा है। अलाइनमेंट सर्वे पूरा होते ही परियोजना के अगले चरणों यानी भूमि अधिग्रहण और निर्माण कार्यों की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है। इस घोषणा के बाद प्रतापगढ़ और आसपास के क्षेत्रों में खुशी की लहर है। स्थानीय लोगों ने इसे जिले के भविष्य के लिए एक 'गेम-चेंजर' कदम बताया है