चित्तौड़गढ़ - चित्तौड़गढ़ में रविवार को एक खास रक्तदान शिविर “एक बूंद रक्त बहन के नाम” का आयोजन किया गया। यह शिविर पवन शर्मा ने अपनी दिवंगत बहन चेतना शर्मा की याद में आयोजित किया।
चेतना शर्मा की 3 साल पहले एक सड़क हादसे में मौत हो गई थी। अपनी बहन को श्रद्धांजलि देने के लिए पवन शर्मा ने पहली बार इस तरह का आयोजन किया और उन्होंने 1000 यूनिट रक्त एकत्र करने का लक्ष्य रखा है।
इस शिविर में दोपहर 12 बजे तक करीब 150 यूनिट रक्त एकत्र हो चुका था। यह आयोजन शाम 5 बजे तक चलेगा। खास बात यह रही कि अब तक लगभग 10 भाई-बहन की जोड़ियों ने मिलकर रक्तदान किया। शिविर में युवाओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। रक्तदान स्थल पर सुबह से ही लोगों की भीड़ उमड़ रही थी।
सबसे पहले पहुंच कर भाई बहन की जोड़ी गौरव त्यागी और गरिमा ने किया रक्तदान।
सांसद और विधायक भी शिविर में पहुंचे
शिविर में चित्तौड़गढ़ सांसद सीपी जोशी और विधायक चंद्रभान सिंह आक्या भी पहुंचे और उन्होंने इस नेक काम की सराहना की।
इस आयोजन में सबसे पहले रक्तदान करने वाली भाई-बहन की जोड़ी गौरव त्यागी और उनकी बहन गरिमा रही। गौरव त्यागी अब तक 33 बार रक्तदान कर चुके हैं, जबकि उनकी बहन गरिमा ने यह 5वीं बार रक्तदान किया। दोनों ने बताया कि यह उनके लिए भावनात्मक क्षण था। गरिमा दिल्ली में रहती हैं, लेकिन इस खास मौके पर चित्तौड़गढ़ आईं और शाम को वापस लौट जाएंगी। उन्होंने बताया कि वे अपनी दिवंगत शिक्षक मां की स्मृति में हर साल रक्तदान करती हैं।
मेघा ने पहली बार किया रक्तदान
रक्तदान शिविर में एक और खास बात सामने आई जब कुचामन सिटी से दर्शन के लिए आई 24 वर्षीय मेघा शेखावत ने भी अपना पहला रक्तदान किया। वह श्री सांवलिया जी के दर्शन के लिए जा रही थीं, लेकिन जब उन्हें ऑटो में पवन शर्मा के कजिन भाई विजय शर्मा ने इस शिविर के बारे में बताया तो उन्होंने तुरंत रक्तदान करने का फैसला लिया। मेघा ने पहली बार रक्तदान किया। मेघा एक प्राइवेट स्कूल की टीचर है।
रक्तदाताओं को किया सम्मानित
इस शिविर में भाग लेने वाले सभी रक्तदाताओं को प्रमाण-पत्र और एक कप भी दिया गया। शिविर में मेडिकल स्टाफ की पूरी टीम मौजूद रही, जो पूरी सावधानी और व्यवस्था के साथ रक्त संग्रहण कर रही थी।
चित्तौड़गढ़ में ऐसा आयोजन पहली बार हुआ है, जिसमें भाई-बहनों ने साथ मिलकर रक्तदान किया और अपने रिश्ते को समाजसेवा से जोड़ा।