नीमच। राजस्थान के झालावाड़ जिले के ग्राम खानपुर निवासी 42 वर्षीय रामहेत पिता बलरामजी लंबे समय से आंख के पर्दे (रेटिना) की गंभीर समस्या के कारण दृष्टि बाधित होने की पीड़ा झेल रहे थे। उनकी एक आंख का पर्दा क्षतिग्रस्त हो जाने से आंख की रोशनी लगभग समाप्त हो चुकी थी, जिससे उनका दैनिक जीवन अत्यंत कठिन हो गया था।
परिजनों द्वारा स्थानीय स्तर पर कई स्थानों पर उपचार करवाने के बावजूद उन्हें कोई विशेष लाभ नहीं मिल पाया। लगातार दृष्टि कमजोर होने के कारण रामहेत का आत्मविश्वास भी प्रभावित हो गया था और वे मानसिक रूप से काफी परेशान रहने लगे थे।
इसी दौरान उन्हें गोमाबाई नेत्रालय के बारे में जानकारी मिली, जिसके बाद परिवारजन अंतिम उम्मीद के रूप में उन्हें उपचार हेतु नीमच लेकर पहुंचे।नेत्रालय के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने रोगी की आंखों की गहन जांच एवं परीक्षण किया। परीक्षण में आंख के विजन को सुरक्षित रखने की संभावना दिखाई देने पर चिकित्सकों ने रोगी एवं परिजनों की सहमति से आंख के क्षतिग्रस्त पर्दे का जटिल ऑपरेशन सफलतापूर्वक सम्पन्न किया।सफल सर्जरी एवं उचित उपचार के बाद अब रामहेत की आंख का विजन सुरक्षित है तथा वे पुनः पहले की तरह स्पष्ट रूप से देख पा रहे हैं। साथ ही वे अपने दैनिक कार्य भी सहजता से करने लगे हैं। लंबे समय बाद पुनः नेत्र ज्योति प्राप्त होने से रामहेत एवं उनके परिवारजन अत्यंत प्रसन्न हैं।
रोगी एवं परिजनों ने गोमाबाई नेत्रालय में उपलब्ध आधुनिक उपचार सुविधाओं, अनुभवी चिकित्सकों तथा रियायती दरों पर गंभीर नेत्र रोगों के सफल उपचार के लिए नेत्रालय प्रबंधन के प्रति आभार व्यक्त किया।