नीमच। प्रतिभा, संस्कार और श्रद्धा जब एक साथ मिलते हैं तो वे समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत बन जाते हैं। ऐसा ही भावुक और प्रेरणादायक दृश्य शहर में उस समय देखने को मिला, जब 10 वर्षीय बालिका विभूति शर्मा द्वारा बनाई गई भगवान श्री हनुमानजी की सुंदर चित्रकला को वरिष्ठ समाजसेवी अशोक अरोरा ने अपने माथे से लगाकर उसकी कला, भावना और संस्कारों का सम्मान किया। जानकारी के अनुसार विभूति शर्मा प्रतिदिन की तरह अपने साथियों के साथ खेलने के लिए घर से निकली थीं। इसी दौरान उनकी मुलाकात समाजसेवी अशोक अरोरा से हुई। विभूति ने उन्हें रुकने का आग्रह किया और कहा कि वह उनके लिए एक विशेष उपहार लेकर आती हैं। कुछ ही देर बाद वह अपने हाथों से बनाई भगवान श्री हनुमानजी की आकर्षक पेंटिंग लेकर लौटीं और उसे समाजसेवी अशोक अरोरा को भेंट किया। पांचवीं कक्षा में अध्ययनरत विभूति शर्मा अधिवक्ता दर्शन शर्मा एवं कल्याणी शर्मा की पुत्री हैं। वह श्री किलेश्वर महादेव मंदिर, नीमच के अध्यक्ष एवं राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहलवानी से नीमच का नाम रोशन करने वाले वरिष्ठ पहलवान राजेन्द्र शर्मा की पौत्री हैं। विभूति ने अपने कोमल हाथों से भगवान श्री हनुमानजी का मनमोहक चित्र बनाकर अपनी विलक्षण कला प्रतिभा का परिचय दिया। चित्र पर अंकित जय श्री राम शब्द उसकी धार्मिक आस्था, भारतीय संस्कृति और सनातन मूल्यों के प्रति गहरे लगाव को भी दर्शाते हैं। इस अवसर पर समाजसेवी अरोरा ने कहा कि इस भावपूर्ण चित्र को देखकर उनका मन श्रद्धा और स्नेह से भर गया। यह केवल एक पेंटिंग नहीं, बल्कि एक बालिका के निश्छल हृदय से निकली भक्ति, संस्कार और भारतीय संस्कृति के प्रति समर्पण का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने कहा कि आज के दौर में जब अधिकांश बच्चे मोबाइल और आधुनिक उपकरणों में व्यस्त रहते हैं, ऐसे समय में विभूति जैसी बाल प्रतिभाएं कला, संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों को जीवंत बनाए हुए हैं। यह पूरे समाज के लिए गर्व और प्रेरणा का विषय है। अरोरा ने बताया कि विभूति शर्मा से उनका बचपन से ही विशेष स्नेह रहा है। आज उसकी प्रतिभा, संस्कार और धार्मिक भावना को देखकर उन्हें अत्यंत प्रसन्नता हुई। उन्होंने विभूति के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उसकी कला प्रतिभा की सराहना की। वन क्षेत्र बढ़ाने पर जोर: वनमण्डलाधिकारी भरत सोलंकी ने बताया कि 5 जून से 21 जून तक जिलेभर में व्यापक पौधारोपण होगा। कैम्पा योजना के अंतर्गत 15 अगस्त तक एक लाख पौधे लगाने का लक्ष्य है। जिले का वन क्षेत्र वर्तमान में लगभग 21 प्रतिशत है, जिसे राष्ट्रीय वन नीति के अनुरूप 33 प्रतिशत तक ले जाने के प्रयास किए जाएंगे। पर्यावरण संरक्षण की दिलाई शपथ: मंत्री भूरिया ने उपस्थित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों एवं नागरिकों को पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन की शपथ दिलाई। बड़ी संख्या में हुई सहभागिता: कार्यक्रम में जिला पंचायत सदस्य बहादुर सिंह हटीला, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत जितेन्द्रसिंह चौहान, सहायक कलेक्टर आयुषी बंसल, एसीईओ अक्षयसिंह मरकाम, एसडीएम झाबुआ महेश मण्डलोई, डिप्टी कलेक्टर्स, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, स्कूली छात्र-छात्राएं, स्व-सहायता समूहों की महिलाएं, नवागत पुलिस आरक्षक, अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित थे। सभी ने ‘‘एक पेड़ मां के नाम’’ अभियान के तहत पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया।