नीमच | एक साधारण सी सोशल मीडिया रील... एक बड़ा सपना... और उसे हकीकत में बदलने का अटूट जुनून। जावद की बेटी अंजलि चौहान ने अपनी प्रतिभा, आस्था और अथक मेहनत से वह कर दिखाया, जो हर कलाकार का सपना होता है। महज 700 ग्राम मेहंदी, शक्कर और फेविकोल की अनूठी तकनीक का उपयोग कर अंजलि ने भगवान जगन्नाथ, बहन सुभद्रा और भ्राता बलराम की 5×5 फीट की भव्य एवं दिव्य आकृति तैयार की और विश्व रिकॉर्ड अपने नाम दर्ज करा लिया। इस अद्भुत कलाकृति को तैयार करने में उन्होंने लगातार 10 दिनों तक दिन-रात मेहनत की। मेहंदी का रंग एक समान बनाए रखने के लिए शक्कर का संतुलित प्रयोग किया, जबकि कलाकृति को वर्षों तक सुरक्षित रखने के लिए फेविकोल की विशेष प्रिजर्वेटिव कोटिंग की। नीमच के इस्कॉन मंदिर में इस अनूठी कलाकृति का भव्य अनावरण हुआ, जहां हर किसी ने अंजलि की कला और समर्पण की सराहना की।
अंजलि बताती हैं कि विश्व रिकॉर्ड बनाने का विचार उन्हें सोशल मीडिया पर एक रील देखते समय आया था। उसी पल उन्होंने ठान लिया कि पारंपरिक मेहंदी कला को एक नई पहचान दिलानी है। आज उनकी यह उपलब्धि केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि जावद, नीमच और पूरे मध्यप्रदेश के लिए गर्व का विषय बन गई है। अंजलि का संदेश भी उतना ही प्रेरणादायक है—कोई भी काम छोटा नहीं होता, यदि सोच बड़ी हो, मेहनत सच्ची हो और लक्ष्य स्पष्ट हो, तो सफलता एक दिन जरूर कदम चूमती है।