नीमच की सबसे चर्चित जमीन... जिसे लेकर महीनों से राजनीति, कानूनी बहस और चर्चाओं का दौर जारी है... उस मामले में अब एक नया और बड़ा मोड़ आ गया है। राजराजेश्वरी महिला गृह निर्माण सहकारी संस्था को लेकर चल रहे भूमि आवंटन विवाद में हाईकोर्ट ने सोमवार को नगरपालिका के पक्ष में स्टे दे दिया है। दिलचस्प बात यह है कि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि स्टे किन बिंदुओं पर दिया गया है और इसके कानूनी प्रभाव क्या होंगे। यही वजह है कि शहर में फिर चर्चाओं का बाजार गर्म है। गौरतलब है कि इससे पहले हाईकोर्ट ने संस्था की याचिका पर सुनवाई करते हुए नगरपालिका को 30 दिनों के भीतर आवेदन पर कानून के अनुसार निर्णय लेने के निर्देश दिए थे। उस आदेश के बाद यह माना जा रहा था कि मामला संस्था के पक्ष में आगे बढ़ सकता है... लेकिन अब नगरपालिका को मिले स्टे ने पूरे घटनाक्रम को नई दिशा दे दी है। नगरपालिका अध्यक्ष स्वाति चोपड़ा ने कहा कि नगरपालिका का पक्ष न्यायालय के समक्ष रखा गया था और हाईकोर्ट ने नगरपालिका के पक्ष में स्टे प्रदान किया है। आदेश की विस्तृत प्रति मिलने के बाद आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर हाईकोर्ट ने स्टे किन आधारों पर दिया है... और नीमच की इस बहुचर्चित जमीन का भविष्य किस दिशा में जाएगा। फिलहाल अदालत के नए आदेश ने एक बार फिर इस पूरे प्रकरण को चर्चा के केंद्र में ला दिया है और सभी की नजरें अब विस्तृत आदेश पर टिकी हुई हैं।