झाबुआ। कृषक कल्याण वर्ष 2026 के अंतर्गत कृषि उद्यानिकी तकनीक विस्तारण एवं तिलहन मिशन के तहत दो दिवसीय जिला स्तरीय कृषि विज्ञान मेला 21 एवं 22 फरवरी 2026 को कृषि विज्ञान केंद्र, झाबुआ के प्रक्षेत्र परिसर में आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम का शुभारंभ महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया के मुख्य आतिथ्य एवं कलेक्टर नेहा मीना की अध्यक्षता में दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। अतिथियों का अन्न-पट्टिका भेंट कर एवं बैज लगाकर आत्मीय स्वागत किया गया। अन्न-पट्टिका मानव जीवन में अन्न के महत्व एवं संपूर्ण जीवनचक्र के प्रतीक के रूप में भेंट की गई। मेले का उद्देश्य कृषकों को उन्नत कृषि तकनीकों, प्राकृतिक एवं जैविक खेती, मूल्य संवर्धन, विपणन, सूक्ष्म सिंचाई (ड्रिप एवं स्प्रिंकलर), नरवाई प्रबंधन, तिलहनी-दलहनी फसलों के विस्तार तथा आधुनिक कृषि यंत्रों की जानकारी प्रदान करना रहा। मंत्री निर्मला भूरिया ने अपने संबोधन में कहा कि वर्ष 2026 को कृषि कल्याण वर्ष के रूप में विशेष रूप से आगे बढ़ाया जा रहा है। इस वर्ष का कृषि मेला किसानों को आत्मनिर्भर एवं समृद्ध बनाने की दिशा में विशेष महत्व रखता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव किसानों की उन्नति और कृषि को लाभ का व्यवसाय बनाने हेतु निरंतर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं के कारण किसानों को पूर्ण लाभ नहीं मिल पाता, इसलिए शासन द्वारा विभिन्न किसान हितैषी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। उन्होंने मिश्रित खेती की पारंपरिक पद्धति को भूमि की उर्वरता के लिए उपयोगी बताते हुए कहा कि वर्तमान में एकल फसल प्रणाली एवं रासायनिक उर्वरकों-कीटनाशकों के अत्यधिक उपयोग से भूमि की गुणवत्ता एवं मानव स्वास्थ्य प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने कृषि सखियों एवं महिलाओं से आह्वान किया कि वे मेले में प्राप्त तकनीकों एवं ज्ञान को व्यवहार में लाएं तथा जैविक एवं प्राकृतिक खेती अपनाकर स्वस्थ समाज एवं समृद्ध किसान के लक्ष्य को साकार करें। कलेक्टर नेहा मीना ने कहा कि किसान कृषि मेले में केवल अवलोकन तक सीमित न रहें, बल्कि शासन की योजनाओं का अधिकतम लाभ लें। उन्होंने बताया कि जिले में जैविक खेती को व्यापक रूप से प्रोत्साहित किया जा रहा है, जो मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने जानकारी दी कि ग्राम खेडी के विमल भाभोर को संभाग आयुक्त द्वारा इंदौर आमंत्रित किया गया है, जहां वे संभाग के किसानों को प्रशिक्षण प्रदान करेंगे। कलेक्टर ने वैज्ञानिकों से अपेक्षा की कि वे स्थानीय भाषा में सरल एवं व्यवहारिक प्रशिक्षण प्रदान करें, ताकि अधिक से अधिक किसान तकनीकों को समझ सकें। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को उन्नत कृषि एवं उद्यानिकी की ओर प्रेरित करना आवश्यक है, जिससे कृषि क्षेत्र में नवाचार एवं समृद्धि सुनिश्चित हो सके। पूर्व विधायक कलसिंह भाबर ने कहा कि किसान प्रत्येक प्रदर्शनी को ध्यानपूर्वक देखें, समझें और प्राप्त जानकारी को अपनी खेती में लागू करें। उन्होंने नरवाई जलाने पर प्रतिबंध का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे भूमि की उर्वरकता को हानि होती है तथा दंड का प्रावधान है। नरवाई का उपयोग जैविक खाद एवं अन्य उपयोगों में कर लाभ अर्जित किया जा सकता है। उन्होंने रासायनिक खाद के अत्यधिक उपयोग को हानिकारक बताते हुए जैविक एवं प्राकृतिक खेती पर बल दिया। जीवन्त प्रदर्शनी का अवलोकन मेले में विभिन्न विभागों एवं निजी संस्थाओं द्वारा आकर्षक एवं ज्ञानवर्धक प्रदर्शनी लगाई गई। प्रदर्शनी के माध्यम से किसानों को वैज्ञानिक खेती पद्धतियों, रसायनमुक्त उत्पादों के विक्रय, स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों एवं शासन की योजनाओं की जानकारी प्रदान की गई। अतिथियों द्वारा प्रदर्शनी का अवलोकन कर प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया गया। कृषि सखी का सम्मान कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया द्वारा प्रश्न किया गया कि एक बीघा में सोयाबीन का कितना बीज बोया जाता है। ग्राम रुन्नी की कृषि सखी गंगा मेडा ने सही उत्तर 15 किलोग्राम दिया, जिस पर मंत्री द्वारा उन्हें सम्मानित किया गया। इस अवसर पर सभी किसानों को जैविक खेती अपनाने का संकल्प भी दिलाया गया। हितलाभ वितरण किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग (आत्मा अंतर्गत) द्वारा ग्राम खेडी के विमल भाभोर को बायो रिसोर्स सेंटर हेतु विभागीय सहायतित प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना अंतर्गत ग्राम बनी के चुन्नीलाल पाटीदार को 72,890 रुपये एवं ग्राम बोरपाडा के नानजी-पूंजा को 49,014 रुपये की ड्रिप सिस्टम सहायता प्रदान की गई। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना “मेरी पॉलिसी मेरे हाथ” अंतर्गत रबी वर्ष 2025-26 हेतु धतुरिया के गुड्डू सिंह पडियार, नवापाड़ा के रामचन्द्र राठौर एवं खेडी के रमेश को फसल बीमा पॉलिसी वितरित की गई। उद्यानिकी विभाग द्वारा पालेडी की गेंदीबाई चोयल को छोटा ट्रैक्टर हेतु 1,80,000 रुपये, देवली के पुना झाणिया को उच्च कोटि सब्जी खेती हेतु 1,87,500 रुपये तथा रजला की प्रियंका नलवाया को पीएमएफएमई अंतर्गत मिठाई-नमकीन इकाई हेतु 15,00,000 रुपये प्रदान किए गए। जामली के शांतिलाल पाटीदार को राज्य स्तरीय पुष्प प्रदर्शनी में प्रथम पुरस्कार हेतु प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। पशुपालन एवं डेयरी विभाग द्वारा सजेली नरसिंहपुरा के खुमानसिंह बारिया एवं रामली पाल तथा कालीदेवी के जितेन्द्र किशोर भूरिया एवं मनीष डुंगरिया भूरिया को बकरी पालन हेतु प्रत्येक को 46,474 रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई। नशामुक्ति शपथ कार्यक्रम के अंत में महिला एवं बाल विकास विभाग की मंत्री निर्मला भूरिया द्वारा उपस्थित सभी को नशामुक्ति की शपथ दिलाई गई। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधिगण, उप संचालक कृषि एन एस रावत, सहायक संचालक उद्यानिकी विभाग बहादुर सिंह चौहान, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग आर एस बघेल सहित कृषि एवं सम्बद्ध विभाग का पूरा अमला, वैज्ञानिक, कृषि सखियां एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।