*KHABAR : कृषि बजट म.प्र. को कृषि क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्‍य बनाने के लिए मुख्‍यमंत्री जी के संकल्‍प का प्रतिबिंब है, मुख्‍यमंत्री किसान कल्‍याण योजना के लिए 5,500 करोड़ की राशि, पढ़े MP44 NEWS की खबर*

February 23, 2026, 7:45 pm Technology

नीमच | प्रदेश का कृषि बजट म.प्र.को कृषि के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्‍य बनाने के लिए मुख्‍यमंत्री डॉ.मोहन यादव जी के संकल्‍प का प्रतिबिंब है। यह बजट समृद्ध म.प्र.@2047 दृष्टीपत्र की भावना से प्रेरित एक दीर्घकालिक रोडमैप का हिस्‍सा है। कृषि बजट केवल वर्तमान आवश्‍यकताओं को पूरा करने के लिए नहीं है। बल्कि भविष्‍य की चुनौतियों का सामना करने और अवसरों का लाभ उठाने के लिए भी हैं। कृषि क्षेत्र के सतत विकास के लिए बजट 2026-27 में प्रदेश सरकार द्वारा विशेष प्रावधान किए गये है। मुख्‍यमंत्री किसान कल्‍याण योजना के लिए 5500 करोड, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लिए 1299 करोड, ब्‍याज मुक्‍त अल्‍पकालीन कृषि ऋण के लिए 720 करोड़ एवं कृषि उपभोक्‍ताओं को विद्युत बिल में राहत दने के लिए 20485 करोड़ की राशि का प्रावधान किया गया है। कृषकों के लिए सुरक्षा चक्र की स्‍थापना- 13 हजार 769 करोड़ की राशि कृषि को भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था की रीढ़ माना जाता है। किसान मछुआरे और पशुपालक कृषि की वृद्धिगाथा में महत्‍वपूर्ण योगदान कर रहे हैं। कृषकों को आय सुरक्षा एवं जोखिम प्रबंधन के लिए प्रधानमंत्री कृषक सम्‍मान निधि, मुख्‍यमंत्री किसान कल्‍याण योजना, फसल बीमा योजना तथा एसडीआरएफ के तहत राहत राशि के प्रावधान भी बजट में किया गया हैं। वन्‍य जीवों द्वारा फसल क्षति की स्थिति में भी राहत राशि उपलब्‍ध कराई जावेगी। यह सुरक्षा चक्र किसानों को आत्‍मविश्‍वास एवं संबल प्रदान करेंगा। कृषकों के लिए सुरक्षा चक्र के अंतर्गत वर्ष 2026-27 के लिए 13 हजार 769 करोड का प्रावधान बजट में किया गया हैं। आदान व्‍यवस्‍था का सुदृढीकरण पर विशेष फोकस प्रदेश के बजट में कृषि आदान व्‍यवस्‍था के सुदृढीकरण के लिए सम्‍बद्ध विभिन्‍न गतिविधियों के लिए वर्ष 2026-27 के बजट में 64 हजार 995 करोड का प्रावधान किया गया है। म.प्र.में एक मजबूत कृषि वित्‍त प्रणाली है। वर्ष 2024-25 में कुल ऋणों में कृषि 274 का हिस्‍सा 30 प्रतिशत है। जो राष्‍ट्रीय औसत से अधिक है। प्रदेश में लगभग 74 लाख किसान क्रेडिट कार्ड, पशुपालन एवं मछुआ केडिट कार्ड पर शून्‍य ब्‍याज पर अल्‍कालिक ऋण सुविधा प्रदान की जा रही हैं, जो कि एक क्रांतिकारी कदम हैं। उपज का बेहतर मूल्‍य किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्‍य उपलब्‍ध कराने के लिए वर्ष 2026-27 के लिए 8091 करोड़ का प्रावधान किया गया हैं। रबी 24-25 में प्रदेश में 48.38 लाख मेट्रीक टन गेहूं उपार्जन किया गया, जिसकी कीमत 2400 रूपये प्रति क्विंटल थी, इसमें 125 रूपये प्रति क्विंटल का बोनस भी शामिल हैं। कृषि उत्‍पादन एवं उत्‍पादकता में वृद्धि के लिए 28158 करोड़ का प्रावधान प्रदेश में भू-जल संरक्षण कार्यो, सिंचाई के लिए विद्युत आपूर्ति के निश्चित समय कृषि फीडर एवं नवीन द्वारा फामरों की स्‍थापना, सौर ऊर्जा पम्‍पों का प्रावधान एवं लघु सिंचाई उपकराणों की उपलब्‍धता से किसानों की उत्‍पादन क्षमता बढाने में सहुलियत हुई हैं। सरकारी योजनाओं को पारदर्शी बनाने, ऋण तक असान पहुच और स्‍मार्ट कृषि को बढ़ावा देने उत्‍पादन एवं उत्‍पादकता में वृद्धि से संबद्ध गतिविधियों के लिए वर्ष 26-27 में 28, 158 करोड का प्रावधान किया गया हैं

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