नीमच। जब पूरी दुनिया गहरी नींद में सो रही थी, तब नीमच पुलिस कप्तान सड़कों पर थे! जिला पुलिस अधीक्षक (SP) राजेश व्यास ने बीती देर रात करीब 12 बजे जीरन पुलिस थाने पर अचानक धावा बोल दिया। एसपी के इस 'सरप्राइज विजिट' से थाने में मौजूद पुलिसकर्मियों के हाथ-पांव फूल गए और हड़कंप मच गया। फरियादी के सामने ही लगा दी क्लास:- आधी रात को जब एसपी व्यास अचानक थाने के भीतर दाखिल हुए, तो वहां एक फरियादी अपनी शिकायत लेकर बैठा था। कप्तान ने बिना कोई वक्त गंवाए सीधे शिक़ायतकर्ता से संवाद किया, उसकी पीड़ा सुनी और ऑन-द-स्पॉट (मौके पर ही) मौजूद पुलिस अधिकारियों को कड़ी कार्रवाई के निर्देश दे डाले। कप्तान का यह रुख देख मातहतों को समझ आ गया कि काम में लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं होगी। चप्पे-चप्पे की तलाशी: मालखाना से लेकर बंदी गृह तक खंगाला:- सिर्फ कागजी खानापूर्ति नहीं, बल्कि एसपी ने खुद कमान संभालते हुए थाने के एक-एक कोने का जायजा लिया! सुरक्षा व्यवस्था और कस्टडी के नियमों का बारीकी से निरीक्षण किया। फाइलों और व्यवस्थाओं को देखकर जरूरी सुधार के निर्देश दिए। एसपी यहीं नहीं रुके, उन्होंने जीरन क्षेत्र के 'रात्रि गश्त पॉइंट' भी चेक किए ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि जब जनता सो रही है, तब खाकी मुस्तैद है या नहीं। अधिकारियों को दो टूक: जनता की सुनवाई में देरी नहीं:- इस औचक निरीक्षण से एसपी राजेश व्यास ने पूरे जिले के थानों को एक कड़ा और साफ संदेश दे दिया है—ड्यूटी में कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। रात हो या दिन, पीड़ितों की सुनवाई तुरंत होनी चाहिए। कप्तान के इस एक्शन मोड के बाद अब जिले के बाकी थानों के प्रभारियों की भी नींद उड़ गई है!