नीमच। आम आदमी पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष इंजी नवीन कुमार अग्रवाल ने एमपीआरडीसी द्वारा भाटखेड़ा फंटे से जावद चौराहे नीमच तक फोरलेन सड़क का जो निर्माण किया जा रहा है जिसमे घोर अनियमिता कर भरस्टाचार किया जा रहा है उस सम्ब्नध में जिला कलेक्टर ,मुख्यमंत्री प्रमुख सचिव को पत्र प्रेषित कर जाँच कर वैशानिक कार्ववाही की मांग की है। अग्रवाल ने पत्र के माधयम से उल्लेख किया है की उक्त निर्माणाधीन सड़क मार्ग की अनिमतताओ के खिलाफ कई बार सड़क निर्माण में की जा रही अनियमतता से सम्बन्ध में विभिन्न माध्यमों से शिकायते की गई है लेकिन अभी तक किसी भी विभाग द्वारा उस पर सकारात्मक कार्यवाही नहीं की गई है जिससे निर्माण एजेंसी मनमाने तरीके से उक्त सड़क का मानक अनुसार निर्माण न कर आम जन को परेशानी में डाल रही है और जिसेक कारन प्रतिदिन उक्त सड़क निर्माण के दौरान सड़क दुर्घटनाये कारीत हो रही है इस सम्ब्नध में ही हम आपका ध्यान आकृष्ट करवाना चाहते है - अग्रवाल ने पत्र में 10 बिन्दुओ का उल्लेख किया है की उक्त सड़क निर्माण मे सड़क का निर्माण पूर्व से निर्मित मकानो दुकानों की सतह से ऊपर हो रहा है जिससे वर्षा काल में जल भराव की स्थिति निर्मित होंगी जिस प्रकार से इंदिरा नगर एवं फव्वारा चौक क्षेत्र में पूर्व में निर्मित सड़क से एएमपीआरडीसी की अदूरदर्शिता के चलते जल भराव होता है। सड़क निर्माण में पूर्व में बनी सड़क के सेंटर से दोनों और नयी सड़क का निर्माण होता है लेकिन उक्तनिर्माण के दौरान सेण्टर लाइन को छोड़कर पूंजीपतियों को लाभ पहुँचाने के लिए मनमाने तरीके से मानक का [पालन न कर सेंटर लाइन का उलंघन किया जा रहा है जिससे आम जन में आक्रोश व्याप्त है। सड़क के दोनों और जो नाली बनाई जा रही है उसकी स्लैब पर पर्याप्त स्टील का उपयोग नहीं हो रहा है जिसके कारन जगह जगह अभी से नाली की छत टूट रही है। सड़क के निर्माण के बाद दोनों और मुरम से साइड भरी जाना चाहिए चाइये लेकिन जंहा पर भी सड़क का निर्माण हुआ है वंहा वंहा पर कचरा युक्त मिटटी जो की सड़क की साइड से खोदी गई है उसी से साइड भरी जा रही है जो की डीपीआर का खुला उलंघन है। सड़क के निर्माण के दौरान बेस में बोल्डर भरे जाने चाहिए जिससे की सड़क मजबूर बने और उसमे बोल्डर के रूप में लगभग 40 एमएम से ऊपर की साइज का मजबूत स्टोन का प्रयोग होना चाहिए लेकिन उक्त सड़क के निर्माण में चुरी मिश्रित कच्चे पत्थर का उपयोग किया जा रहा है जो की डीपीआर का खुला उलंघन है। उक्त सड़क निर्माण के दौरान किसी भी प्रकार से सड़क निर्माण के दौरान संकेतक नहीं लगाए जा रहे है जिससे प्रतिदिन सड़क दुर्घटनए हो रही है और कुछ घटनाओ में तो राहगीर की मोत भी हो चुकी है जो की आपके संज्ञान में भी है -सड़क निर्माण के दौरान उक्त सड़क को जोड़ने वाली अन्य सडको की सतह का भी ध्यान नहीं रखा जा रहा है जिससे नीमच कॉलेज के पास पूर्व से निर्मित सिंगोली मार्ग की तरह चौराहे पर घरो में बनने वाली सलोप बनाकर सड़क मानक का उलंघन किया जा रहा है। सड़क निर्माण में बालू रेत गिट्टी सीमेंट का मानक अनुसार मिश्रण का उपयोग नहीं किया जा रहा है जिससे अभी से सड़क में माइनर तड़क आने लगी है जो को भविस्य में दरारों के रूप में परिवर्तिति होंगी जिस प्रकार से नीमच मनासा मार्ग पर हो चुका है। सड़क निर्माण में मानक अनुसार दोनों साइड में स्लोप का ध्यान नहीं दिया जा रहा है.. - सड़क निर्माण में सड़क खोदने से पूर्व कंही पर भी सर्विस रोड का समतलीकरण कर मुरमीकरण नहीं किया जा रहा है जो की डीपीआर का खुला उलंघन होने के साथ ही दुर्घटनाओ को आमंत्रित कर रहा है। अग्रवाल ने पत्र में आगे लिखा की उक्त सड़क का निर्माण जनता के टैक्स के पेसो से हो रहा है न की एमपीआरडीसी एवं ठेकेदार के पेसो से। उसके बाद भी मनमाने तरीके से डीपीआर का खुला उलंघन कर मानक अनुसार सड़क का निर्माण न करना खुकलेआम जनता के टेक्स के पेसो का दुरुपयोग है जो की जाँच का विषय है।. अतः हम पत्र के माध्यम से आप से जनहित में उक्त सड़क निर्माण में हो रही अनियमतताओ की जाँच करवाकर दोषि अधिकारियो एवं ठेकेदार के खिलाफ वैधानिक कार्यवाही करने की मांग करते है और उम्मीद करते है की आप इस पर सकारात्मक सहयोग प्रदान करेंगे ताकि हमें अग्र आंदोलन के लिए बाध्य न होना पड़े