नीमच/मंदसौर। नारकोटिक्स ब्यूरो (CBN) द्वारा मंदसौर जिले के कचनारा क्षेत्र में की गई बड़ी कार्रवाई के बाद अब पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। रतलाम रेंज डीआईजी निमिष अग्रवाल के कड़े रुख और स्पष्ट निर्देशों के बाद मंदसौर एसपी विनोद कुमार मीणा ने कर्तव्य में लापरवाही बरतने वाले पुलिस अधिकारियों पर गाज गिराई है। डीआईजी ने पहले ही यह स्पष्ट कर दिया था कि यदि जिले में कहीं भी मादक पदार्थों की लैब या बड़ी खेप पकड़ी जाती है, तो इसे सीधे तौर पर स्थानीय पुलिस का 'इंटेलिजेंस फेलियर' माना जाएगा और कड़ी जवाबदेही तय की जाएगी। इसी कड़ी में डीआईजी के निर्देशों का पालन करते हुए एसपी विनोद कुमार मीणा ने शनिवार को आदेश जारी कर कचनारा चौकी प्रभारी पूर्णिमा सिरोहिया, सउनि युसूफ मंसूरी और आरक्षक अर्जुन सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। गौरतलब है कि 8 मई को केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो ने कचनारा-लसुड़ियाइला क्षेत्र में छापेमारी कर भारी मात्रा में अवैध एमडी ड्रग्स जब्त की थी। एसपी के आदेश में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि स्थानीय पुलिस को अवैध मादक पदार्थों के विरुद्ध सूचना संकलन और प्रभावी कार्रवाई के लिए बार-बार निर्देशित किया गया था, इसके बावजूद चौकी स्तर पर कोई सक्रियता नहीं दिखाई गई। निलंबन आदेश में एसपी ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि किसी बाहरी एजेंसी द्वारा क्षेत्र में घुसकर इतनी बड़ी कार्रवाई को अंजाम देना स्थानीय पुलिस की संदिग्ध कार्यप्रणाली और घोर लापरवाही का परिचायक है। निलंबित किए गए तीनों पुलिसकर्मियों को रक्षित केंद्र (पुलिस लाइन) मंदसौर संबद्ध कर दिया गया है। वहीं, मामले की गंभीरता को देखते हुए अनुविभागीय अधिकारी (ग्रामीण) को पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच कर 5 दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। डीआईजी के कड़े तेवरों के बाद हुई इस बड़ी कार्रवाई ने जिले के अन्य थाना क्षेत्रों में भी हड़कंप मचा दिया है