*KHABAR : प्रतापगढ़ में रेप केस से नाम हटाने के बदले 2.87 लाख की घूस लेते थानाधिकारी रंगे हाथ गिरफ्तार, पढ़े MP44 NEWS खबर*

MP44 NEWS May 14, 2026, 12:26 pm Technology

प्रतापगढ़। जिले में कानून के रखवाले का ही भ्रष्टाचार में लिप्त होने का एक गंभीर मामला सामने आया है। धोलापानी थाने के थानाधिकारी प्रवीण चारण को गुरुवार को 2.87 लाख रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा गया है। डूंगरपुर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की एक टीम ने डिप्टी एसपी रतन सिंह के नेतृत्व में यह बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। एसीबी सूत्रों के अनुसार थानाधिकारी एक महिला के साथ हुए दुष्कर्म के मामले में मुख्य आरोपी का नाम एफआईआर से बाहर निकालने के लिए रिश्वत की मांग कर रहे थे। यह रिश्वत की रकम 2.87 लाख रुपए बताई जा रही है, जिसकी वसूली के दौरान ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। जानकारी के अनुसार एसीबी की टीम ने चित्तौड़गढ़ जिले में निंबाहेड़ा कस्बे के निकट नरसिंहपुर टोल प्लाजा पर यह ट्रैप की कार्रवाई की। एसीबी को सूचना मिली थी कि थानाधिकारी चारण इस रिश्वत की रकम को अपनी गाड़ी में ही स्वीकार कर रहे हैं। एसीबी की टीम ने सुनियोजित तरीके से जाल बिछाया और जैसे ही थानाधिकारी ने रिश्वत की रकम ली, उन्हें धर दबोचा। इस कार्रवाई के बाद से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। एसीबी ने थानाधिकारी के सरकारी आवास के अलावा उनके निजी आवास पर भी तलाशी ली है, ताकि किसी भी तरह के अवैध संपत्ति या अन्य सबूतों का पता लगाया जा सके। इस घटना ने एक बार फिर पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक तरफ जहां पुलिस का काम आम जनता को सुरक्षा प्रदान करना और अपराधों पर अंकुश लगाना है, वहीं दूसरी ओर इस तरह के मामले खाकी की निष्ठा पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाते हैं। यह गिरफ्तारी इस बात का संकेत है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ एसीबी की मुहिम कितनी सक्रिय है, लेकिन यह भी दर्शाता है कि सिस्टम में कुछ ऐसे तत्व अभी भी मौजूद हैं जो अपनी पद का दुरुपयोग कर जनता के विश्वास को तोड़ रहे हैं। इस मामले की गहन जांच की जा रही है और उम्मीद है कि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलेगी

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