नीमच | जनसुनसुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता चांदमल पिता नन्दराम चारण, निवासी रतनगढ़ द्वारा यह आरोप लगाया गया कि किशनलाल पिता नन्दराज चारण एवं कैलाशचंद्र पिता नन्दराज चारण, निवासी आलोरी ने ग्राम कसमारिया एवं आलोरी गरवाड़ा की शासकीय भूमि पर अतिक्रमण किया है।
उक्त शिकायत के संबंध में नायब तहसीलदार, टप्पा रतनगढ़ द्वारा मौके पर राजस्व अमले के साथ जांच कर प्रतिवेदन अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) जावद के समक्ष प्रस्तुत किया गया जिसके तथ्य इस प्रकार हैं-
ग्राम कसमारिया स्थित शासकीय भूमि पर अतिक्रमण का आरोप असत्य पाया गया।
नायब तहसीलदार द्वारा पटवारी, कोटवार एवं ग्रामवासियों की उपस्थिति में किए गए स्थल निरीक्षण में पाया गया कि किशनलाल पिता नन्दराज चारण एवं कैलाशचंद्र पिता नन्दराज चारण का निर्माण शासकीय भूमि पर नहीं, बल्कि ग्राम की आबादी भूमि पर स्थित है।
कृषि भूमि पर भी अतिक्रमण की पुष्टि नहीं हुई।
जांच में संबंधित खसरों एवं राजस्व अभिलेखों का परीक्षण किया गया। मौके पर कैलाशचंद्र पिता नन्दराज चारण, निवासी आलोरी के नाम दर्ज निजी कृषि भूमि पाई गई तथा शासकीय भूमि पर अतिक्रमण नहीं पाया गया।
आलोरी में स्कूल की जमीन पर कब्जा' का आरोप भी जांच में सही नहीं पाया गया।
सीमांकन एवं राजस्व अभिलेखों के परीक्षण के आधार पर संबंधित निर्माण ग्राम आबादी क्षेत्र में पाया गया तथा शासकीय भूमि पर अतिक्रमण की पुष्टि नहीं हुई।
मामला पारिवारिक संपत्ति विवाद से संबंधित है।
जांच प्रतिवेदन में उल्लेख है कि आवेदक चांदमल पिता नन्दराम चारण एवं उसके भाई किशनलाल पिता नन्दराज चारण तथा कैलाशचंद्र पिता नन्दराज चारण के मध्य पारिवारिक संपत्ति के बंटवारे को लेकर विवाद चल रहा है। शिकायत उसी विवाद के कारण बार-बार प्रस्तुत की जा रही है।
11 बार आवेदन देने के बाद भी कार्रवाई नहीं हुई' संबंधी दावा तथ्यात्मक नहीं है।
प्रकरण में प्राप्त शिकायतों पर समय-समय पर राजस्व अधिकारियों द्वारा स्थल निरीक्षण, सीमांकन एवं जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत किए गए हैं। प्रत्येक आवेदन पर नियमानुसार कार्रवाई की गई है।
शिकायतकर्ता की वर्तमान स्थिति
जनसुनवाई के दौरान आवेदक चांदमल पिता नन्दराम चारण द्वारा स्वयं पर मिट्टी का तेल डालकर आत्मदाह का प्रयास किया गया, जिसे मौके पर उपस्थित पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों की तत्परता से तत्काल रोक दिया गया। किसी प्रकार की अप्रिय घटना नहीं होने दी गई।
प्रशासन द्वारा शिकायत की निष्पक्ष जांच कराई गई।
जांच में लगाए गए आरोपों की पुष्टि नहीं हुई। उपलब्ध राजस्व अभिलेखों, सीमांकन एवं स्थल निरीक्षण के आधार पर शासकीय भूमि पर अतिक्रमण नहीं पाया गया तथा प्रकरण को नियमानुसार निराकृत किए जाने की अनुशंसा की गई।
अतः शिकायतकर्ता चांदमल चारण द्वारा लगाए गए आरोप जांच में सही नहीं पाए गए हैं। संबंधित प्रकरण राजस्व जांच में पारिवारिक संपत्ति विवाद से संबंधित पाया गया है तथा किशनलाल पिता नन्दराज चारण एवं कैलाशचंद्र पिता नन्दराज चारण द्वारा शासकीय भूमि पर अतिक्रमण की पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासन द्वारा सभी शिकायतों पर नियमानुसार जांच एवं कार्रवाई की गई है।