नीमच। शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय क्रमांक 2 के ऐतिहासिक खेल मैदान को बचाने के लिए शुरू हुआ जन-आंदोलन अब और तीव्र होता जा रहा है। 'खेल मैदान बचाओ संघर्ष समिति' के प्रतिनिधियों ने मैदान के संरक्षण की मांग को लेकर नीमच विधायक दिलीप सिंह परिहार और नगर पालिका अध्यक्ष स्वाति चोपड़ा से मुलाकात कर अपनी बात प्रखरता से रखी। मुलाकात के दौरान जनप्रतिनिधियों का रुख सकारात्मक तो रहा, लेकिन उन्होंने पूरे मामले का अंतिम फैसला प्रशासन और अधिकारियों के पाले में डाल दिया है। वहीं दूसरी ओर, समिति ने सांदीपनि विद्यालय (सीएम राइज़) का अधिकृत नक्शा मीडिया को जारी कर प्रशासन के उन दावों की धज्जियाँ उड़ा दीं, जिनमें कहा जा रहा था कि "मैदान भी सुरक्षित रहेगा और स्कूल भी बन जाएगा।" विधायक परिहार बोले- "वैकल्पिक ज़मीन मिले तो कोई आपत्ति नहीं" संघर्ष समिति के प्रतिनिधिमंडल ने विधायक दिलीप सिंह परिहार से भेंटकर मैदान बचाने का अनुरोध किया। इस पर विधायक परिहार ने स्पष्ट किया कि "हम सिर्फ यह चाहते हैं कि स्कुल शीघ्र बने, यदि प्रशासन और नगरपालिका सांदीपनि विद्यालय के लिए शहर में कहीं भी वैकल्पिक भूमि की व्यवस्था करते हैं, तो नई जगह पर स्कूल भवन का निर्माण कराने में हमें कोई आपत्ति नहीं है।" उन्होंने साफ़ तौर पर गेंद नगरपालिका और ज़िला प्रशासन के पाले में सरका दी है। नपाध्यक्ष आवास पहुँची समिति, स्वाति चोपड़ा बोलीं- "सेकेंड थॉट के बिना देंगे ज़मीन" विधायक से मुलाकात के बाद समिति के सदस्य नगर पालिका अध्यक्ष स्वाति चोपड़ा के निवास पर पहुँचे। नपा अध्यक्ष ने समिति को भरोसा दिलाते हुए कहा कि "शासन-प्रशासन सांदीपनि विद्यालय के लिए शहर में जो भी वैकल्पिक भूमि चाहेगा, नगरपालिका बिना किसी 'सेकेंड थॉट' (झिझक) के वह ज़मीन तुरंत हस्तांतरित करने को तैयार है।" अतिक्रमण और कोर्ट स्टे पर घेरा: CMO ने दी सफाई चर्चा के दौरान समिति सदस्यों ने नगरपालिका की उन प्रमुख विवादित जमीनों का मुद्दा उठाया जो पूर्व में चयनित की गई थीं, लेकिन भू-माफियाओं/कब्जेधारियों के स्टे के कारण पेंडिंग पड़ी हैं: महाराणा प्रताप प्रतिमा चौराहा (स्पेंटा पेट्रोल पंप के पास): इस ज़मीन पर कब्जेधारियों के स्टे को लेकर मुख्य नगरपालिका अधिकारी (CMO) दुर्गा बामनिया ने बताया कि नगरपालिका की ओर से कोर्ट में मजबूत जवाब दाखिल किया जा चुका है और मामला निर्णय हेतु लंबित है। मनासा रोड (रेस्ट हाउस के सामने): इस बेशकीमती ज़मीन पर भी स्टे के मामले में विधायक, नपाध्यक्ष और सीएमओ तीनों ने सहमति जताई कि यदि यह ज़मीन मुक्त होती है, तो सांदीपनि विद्यालय यहाँ बनाया जा सकता है। तीनों जिम्मेदार प्रतिनिधियों ने समिति को आश्वस्त किया कि कोर्ट में लंबित इन मामलों के शीघ्र निराकरण हेतु नगरपालिका अब पुरज़ोर और तीव्र कानूनी प्रयास करेगी ताकि सांदीपनि विद्यालय के लिए वैकल्पिक ज़मीन का रास्ता साफ़ हो सके। बड़ा खुलासा: नक्शा जारी कर समिति बोली "प्रशासन बोल रहा है झूठ!" धरना और वार्ताओं के बीच समिति के सदस्यों ने प्रस्तावित सांदीपनि विद्यालय का आधिकारिक नक्शा सार्वजनिक मीडिया में जारी कर दिया। समिति पदाधिकारियों का कहना है कि "पिछले लंबे समय से प्रशासन और ज़िम्मेदार हमें यह कहकर गुमराह कर रहे थे कि बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय क्रमांक 2 का खेल मैदान सुरक्षित रहेगा और केवल परिसर के एक हिस्से में स्कूल बनेगा। लेकिन जारी नक्शा साफ़ बयाँ करता है कि प्रस्तावित निर्माण पूरे मैदान को निगल जाएगा। सांदीपनि परिसर बनने के बाद खिलाड़ियों और बच्चों के लिए 1 इंच ज़मीन भी नहीं बचेगी। प्रशासन जनता से सरासर झूठ बोल रहा है। इस अवसर पर समाज सेवी कपिल सिंह चौहान, नवीन अग्रवाल सहित समिति सदस्य अंकित मुनेत, अफ़रोज़, करीम, कीर्ति शर्मा, ज़हराम, तरुण मलानी, डॉ. मुफ़ीस अली, नटराजन नट्टू , बबलू मीणा, मनीष वर्मा, मुर्तजा देरकी, मोहित बदलानी, मोहित रामरख्याणी, मोहसिन, रवि सैनी, रमेश, राजेश शर्मा, राहुल जैन, विक्रम, विमल शर्मा, वसीम भाई, शुभम मेहरा और सूरज शर्मा आदि उपस्थित रहे। समिति ने दोहराया है कि जब तक मैदान को पूर्णतः 'खेल गतिविधियों के लिए संरक्षित' घोषित नहीं किया जाता और स्कूल को अन्यत्र स्थानांतरित नहीं किया जाता, उनका यह संघर्ष चरणबद्ध रूप से जारी रहेगा