मंदसौर। मंदसौर-नीमच संसदीय क्षेत्र के सांसद सुधीर गुप्ता द्वारा लोकसभा में देश में बढ़ रहे साइबर अपराधों तथा वित्तीय धोखाधड़ी की रोकथाम के लिए उठाए गए कदमों को लेकर पूछे गए प्रश्न के उत्तर में केंद्र सरकार ने बताया कि साइबर अपराधों से निपटने के लिए व्यापक और समन्वित स्तर पर प्रभावी कार्रवाई की जा रही है।
सरकार ने बताया कि भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) के माध्यम से देशभर में साइबर अपराधों पर निगरानी और विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया गया है। नागरिकों की शिकायतों के लिए राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल तथा वित्तीय साइबर धोखाधड़ी की तत्काल सूचना के लिए 1930 हेल्पलाइन संचालित की जा रही है।
सरकार के अनुसार नागरिक वित्तीय साइबर धोखाधड़ी रिपोर्टिंग एवं प्रबंधन प्रणाली (CFCFRMS) के माध्यम से अब तक 32.80 लाख से अधिक शिकायतों में ₹11,158 करोड़ से अधिक की राशि साइबर ठगों के हाथों में जाने से बचाई गई है।
उत्तर में यह भी बताया गया कि सरकार ने साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए 15.75 लाख से अधिक सिम कार्ड तथा 5.77 लाख IMEI ब्लॉक किए हैं। साथ ही संदिग्ध खातों एवं पहचानकर्ताओं की पहचान कर ₹25,698 करोड़ के संदिग्ध लेनदेन रोके गए हैं।
सरकार ने जानकारी दी कि आधुनिक तकनीकी प्लेटफॉर्म की सहायता से 29,837 से अधिक साइबर अपराधियों की गिरफ्तारी संभव हुई है। पुलिस एवं न्यायिक अधिकारियों के प्रशिक्षण के लिए CyTrain पोर्टल पर 1.63 लाख से अधिक अधिकारियों का पंजीकरण किया गया है तथा साइबर सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए विशेष रूप से प्रशिक्षित साइबर कमांडो भी तैयार किए जा रहे हैं।
सांसद सुधीर गुप्ता ने कहा कि डिजिटल युग में साइबर सुरक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है। उन्होंने कहा कि लोकसभा में यह प्रश्न उठाने का उद्देश्य नागरिकों की मेहनत की कमाई को साइबर ठगी से सुरक्षित रखने के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी जनता तक पहुँचाना है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि किसी भी साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर संपर्क करें अथवा राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं