नई दिल्ली। मंदसौर-नीमच संसदीय क्षेत्र के सांसद सुधीर गुप्ता द्वारा 29 जुलाई 2026 को लोकसभा में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से प्रसारण अवसंरचना और नेटवर्क विकास (BIND) योजना के संबंध में प्रश्न पूछा गया। इसके उत्तर में केंद्र सरकार ने बताया कि दूरदर्शन और आकाशवाणी के नेटवर्क, तकनीकी ढांचे एवं डिजिटल सेवाओं को आधुनिक बनाने के लिए व्यापक स्तर पर कार्य किया जा रहा है।
सरकार ने बताया कि BIND (Broadcasting Infrastructure and Network Development) योजना वर्ष 2021-26 के लिए ₹2539.61 करोड़ के बजट परिव्यय के साथ स्वीकृत केंद्रीय क्षेत्र की योजना है, जिसकी अवधि बढ़ाकर 31 मार्च 2027 तक कर दी गई है। योजना का उद्देश्य दूरदर्शन एवं आकाशवाणी की प्रसारण अवसंरचना का विकास, आधुनिकीकरण और तकनीकी उन्नयन करना है।
मंत्रालय के अनुसार अधिकांश दूरदर्शन स्टूडियो का डिजिटलीकरण कर उन्हें फाइल-बेस्ड वर्कफ़्लो एवं स्वचालित प्ले-आउट सिस्टम से लैस किया गया है। वहीं, 125 से अधिक आकाशवाणी केंद्रों पर ई-गवर्नेंस व्यवस्था पूरी तरह लागू कर दी गई है।
सरकार ने बताया कि उच्च गुणवत्ता वाले प्रसारण को बढ़ावा देने के लिए अनेक राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय चैनलों को एचडी (HD) प्रारूप में अपग्रेड किया गया है। साथ ही 4K कैमरे, नेटिव UHD मोबाइल प्रोडक्शन यूनिट (ओबी वैन), मॉड्यूलर फ्लाई-पैक यूनिट तथा आधुनिक एचडी वॉटरमार्किंग सिस्टम स्थापित किए गए हैं, जिससे प्रसारण की गुणवत्ता और दर्शक डेटा संग्रहण में सुधार हुआ है।
नेटवर्क विस्तार के तहत 100 से अधिक नए एफएम ट्रांसमीटर तथा उच्च क्षमता वाले डिजिटल-रेडी टीवी ट्रांसमीटर चालू किए गए हैं। इसके अलावा विभिन्न स्थानों पर प्रसारण टावरों का सुदृढ़ीकरण भी पूरा किया गया है।
सरकार ने यह भी जानकारी दी कि डीडी फ्री डिश प्लेटफॉर्म पर चैनलों की संख्या बढ़ाई गई है। साथ ही NewsOnAIR ऐप, Waves प्लेटफॉर्म, विजुअल रेडियो और सोशल मीडिया के माध्यम से डिजिटल लोक सेवा प्रसारण को और अधिक सशक्त बनाया जा रहा है।
भविष्य की योजनाओं के तहत 82 नए एफएम ट्रांसमीटरों की स्थापना तथा 126 मौजूदा ट्रांसमीटरों के उन्नयन को स्वीकृति प्रदान की गई है। इन परियोजनाओं से विशेष रूप से सीमावर्ती, संवेदनशील एवं अल्पसेवित क्षेत्रों में प्रसारण सेवाओं का दायरा और अधिक विस्तृत होगा।
सांसद सुधीर गुप्ता ने कहा कि आधुनिक प्रसारण व्यवस्था से देश के दूरस्थ क्षेत्रों तक सूचना, शिक्षा और जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रभावी पहुंच सुनिश्चित होगी तथा डिजिटल भारत के लक्ष्य को भी मजबूती मिलेगी