मंदसौर । देश का बजट हर साल उम्मीदों का मौसम लेकर आता है, खासकर किसानों के लिए। लेकिन 2026 का बजट एक बार फिर यह साबित करता है कि सरकार की प्राथमिकताओं की फसल में किसान की ज़मीन अब भी बंजर पड़ी है । किसान नेता व जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष शंकरलाल आंजना ने केंद्र सरकार के बजट पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बजट भाषण में किसानों का उल्लेख तो किया गया लेकिन ज़मीनी हकीकत पर नज़र डालने की ज़हमत नहीं उठाई गई । सरकार को बजट में सभी फसलों को
एमएसपी व बीमे के दायरे में लाने की घोषणा करनी थी । खाद, बीज सस्ते करने थे पर किए नहीं ये सूट-बूट वाली सरकार ने 12 साल पहले कहा था कि किसानों की आय दुगुनी करेंगे पर क्या किसानों की आय दुगुनी हुई क्या ? आंजना ने आगे कहा कि आज का किसान मौसम की मार,महंगे खाद-बीज,डीज़ल की बढ़ती कीमतों और कर्ज़ के दबाव से जूझ रहा है । ऐसे समय में किसान को राहत की उम्मीद थी पर यह बजट सिर्फ पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाएगा । बजट किसान विरोधी हे । केंद्र की भाजपा सरकार ने यह साफ़ कर दिया है कि देश का आम आदमी उसकी प्राथमिकता में कहीं नहीं है ।