नीमच। सीमावर्ती राजस्थान से लगे मध्यप्रदेश के अंतिम छोर पर स्थित लाल माटी का नगर नीमच शनिवार को एक ऐतिहासिक एवं आध्यात्मिक आयोजन का साक्षी बना। राष्ट्र उत्थान, सामाजिक कल्याण एवं विश्व शांति के उद्देश्य से समस्त सनातन समाज, धार्मिक, आध्यात्मिक एवं सामाजिक संस्थाओं के संयुक्त तत्वावधान में एक दिवसीय विराट सनातन राष्ट्र धर्मसभा एवं संत समागम का आयोजन किया गया। धर्मसभा में देशभर से आए संत-महात्माओं, जनप्रतिनिधियों, उद्योगपतियों एवं हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने आयोजन को भव्य स्वरूप प्रदान किया। आयोजन में परम् शिव उपासक, ब्रह्मनिष्ठ परिव्राजकाचार्य, प्रातः स्मरणीय, अनन्त श्री विभूषित आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी श्री कैलाशानन्दगिरी जी महाराज, पीठाधीश्वर, दक्षिण काली पीठ हरिद्वार एवं निरंजनी अखाड़ा का दिव्य सान्निध्य प्राप्त हुआ। अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में महामंडलेश्वर स्वामी श्री कैलाशानन्दगिरी जी महाराज ने कहा कि राम नाम की अद्भुत महिमा है। राम का नाम लेने मात्र से हमारा उद्धार हो जाता है। राम नाम हमें भवसागर से तार देता है। उन्होंने कहा कि धर्म, संस्कृति, संस्कार और राष्ट्र निर्माण के लिए आध्यात्मिक चेतना का जागरण आवश्यक है। स्वामी जी ने कहा कि जो व्यक्ति प्रभु सेवा के लिए धन खर्च करता है और भगवान के प्रति समर्पित भाव रखता है, वह ईश्वर को प्रिय होता है। उन्होंने कहा कि महादेव के भक्त केवल उपासक नहीं, बल्कि उनके मित्र होते हैं। जीवन में कठिन समय आने पर चाणक्य नीति के अनुसार एकांत और मौन में साधना-तपस्या करने से आत्मकल्याण का मार्ग प्रशस्त होता है। उन्होंने बिल्वपत्र पर राम नाम लिखकर भगवान शिव को अर्पित करने की महिमा का भी उल्लेख किया। इस अवसर पर नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि सनातन धर्म पर उंगली उठाने वाले पहले अपने आप का आकलन करें, उनकी हस्ती क्या है। पांच घंटे तक नीमचवासियों की इस सत्संग में उपस्थित ने बड़े धैर्य का परिचय दिया है, आप सभी साधुवाद के पात्र है। विजयवर्गीय ने महामंडलेश्वर के आदेश पर ओम नमः शिवाय, हर हर भोले नमः शिवाय भजन की सुंदर प्रस्तुति भी दी, जिनका साथ धर्मप्रेमी जनता ने भी दिया। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत श्री रविन्द्रपुरीजी महाराज ने कहा कि संतों का कार्य संसार के सभी दुःखी प्राणियों का कल्याण करना होता है। प्रयागराज कुंभ में 80 करोड लोगों ने स्नान किया यह सनातन धर्म की एकता का परिचय है। आगामी सिंहस्थ में सभी जैन, बौद्ध आदि को सहभागी बनना चाहिए। सभी समाज वर्ग के जगतगुरु महामंडलेश्वर बन रहे हैं सभी सनातन धर्म संगठित रहे। हवा महल जयपुर के विधायक बालमुकुंद आचार्य जी महाराज ने कहा कि पूरी दुनिया में सनातन संस्कृति देवी देवताओं के पुत्र पुत्रियों का शासन था धीरे-धीरे 110 देश फादर ,57 देश चादर बन गए हैं। समय परिवर्तनशील है हम दो हमारे एक नहीं चलेगा हम दो हमारे दो चार होना चाहिए। एक बच्चा सनातन संस्कृति की रक्षा के लिए एक संतान सनातन धर्मरक्षा के लिए, एक संतान देश की रक्षा के लिए पुलिस या सेना में, एक संतान माता-पिता की सेवा के लिए होना चाहिए। अब हमें सनातन धर्म वालों को जागना होगा। महायोगी परमहंस बावा श्री श्री 1008 कालीदास कृष्णानंदजी महाराज ने कहा कि कैलाशानंद जी महाराज की साधना तपस्या देशवासियों के लिए कल्याणकारी है। महामंडलेश्वर स्वामी मधुसूदनानंद गिरी जी ने कहा कि कैलाशानंद गिरि जी महाराज 41 घंटे तक निरंतर तपस्या करते हैं संतों का कार्य ही होता है सभी का कल्याण करना। आज यहां मंत्रिमंडल की उपस्थिति है। साधु के पास कमंडल है मंडल और कमंडल मिल जाए तो राष्ट्र का उत्थान होना तय है। सांसद सुधीर गुप्ता ने कहा कि संतो के बिना देश की स्थिति कुछ भी नहीं होती है। रावण और राम, कृष्ण ओर कंस, महाराणा प्रताप और अकबर, शिवाजी और औरंगजेब का संघर्ष हमें जीवन में सनातन धर्म की रक्षा करने की शिक्षा देता है विधायक दिलीप सिंह परिहार ने कहा कि शहीदों की धरती पर संतों का महाकुंभ अमृत प्रवचन ज्ञान गंगा का विषय है। भारत विश्व गुरु बने देश सोने की चिड़िया बने। एक लोटा जल हमारा कल्याण कर सकता है। स्वागत भाषण देते हुवे नीमच नगर पालिका की अध्यक्ष स्वाती गौरव चोपड़ा ने कहा कि सनातन धर्म को मुगल तो क्या अंग्रेजों ने भी नष्ट करने का प्रयास किया लेकिन सभी असफल रहे। जब तक त्याग तपस्या संयम है तब तक सनातन जीवित रहेगा अच्छाई और सच्चाई से जीवन के नियम बदल जाते हैं। सनातन की छाया से सदैव सफलता मिलती है। विश्व शांति के लिए सनातन अभियान चलाना होगा। सारे विश्व का कल्याण हो की आवाज केवल मंत्र मंदिरों से आती है।हम मोक्ष तक जा सकते हैं। मेरे पिता संतोष चौपड़ा, बड़े भोले हैं और भोले ही नारायण बन जाते हैं। धर्मसभा में महामंडलेश्वर सुरेशानन्द सरस्वती जी, स्वामी सुदर्शनाचार्य जी, भागवताचार्य भीमाशंकर शास्त्री, मेवाड़ पीठाधीश्वर 1008 स्वामी सुदर्शनाचार्य जी महाराज, राष्ट्रीय संत डॉ. मिथिलेश नागर, स्वामी सत्यानंद सरस्वती जी महाराज, आर्यावर्त साध्वी जयमाला दीदी वैष्णव, पंडित लक्ष्मीनारायण शर्मा, महंत लाला नाथ जी योगी सहित अनेक संत-महात्मा उपस्थित रहे। आयोजन में मेघालय भाजपा प्रदेश अध्यक्ष रिकमन जी मोमिन, सांसद सांसद सी.पी. जोशी, प्रणव कुमार देसाई, राजस्थान सरकार के पूर्व मंत्री श्रीचंद कृपलानी, जावद विधायक ओमप्रकाश सकलेचा, सुवासरा विधायक हरदीप सिंह डंग, मनासा विधायक अनिरुद्ध माधव मारू, जिला पंचायत अध्यक्ष सज्जन सिंह चौहान, पूर्व मंत्री कैलाश चावला, जिला प्रभारी सुभाष पटेल, समाजसेवी अशोक अरोरा, भाजपा जिला अध्यक्ष वंदना खंडेलवाल, विश्व हिंदू परिषद के संतोष शर्मा सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। फिल्म अभिनेता रजत बेदी सहित विभिन्न क्षेत्रों की प्रतिष्ठित हस्तियों ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की। कार्यक्रम के प्रारंभ में रेणु संतोष चोपड़ा एवं नगर पालिका अध्यक्ष स्वाती गौरव चोपड़ा ने अतिथियों का स्वागत कर संतों का आशीर्वाद प्राप्त किया। कार्यक्रम का संयुक्त सफल संचालन अजय कासलीवाल व सुनिल पटेल ने किया, जबकि अंत में संतोष चोपड़ा ने सभी अतिथियों, संत-महात्माओं एवं श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुवे कहा कि यह आयोजन केवल धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन, सांस्कृतिक जागरण एवं आध्यात्मिक उन्नयन का महत्वपूर्ण अवसर है। उक्त जानकारी मीडिया प्रभारी विवेक खण्डेलवाल ने दी।