नीमच। आज के इस चमचमाते एलईडी युग में नीमच की सड़कों पर एक ऐसा नजारा देखने को मिला जिसने हर किसी को भावुक कर दिया। महाराष्ट्र का एक मेहनती युवक जब आज के दौर में भी पेट पालने के लिए हाथों में पारंपरिक लालटेन लेकर सीआरपीएफ रोड पर निकला, तो खाकी वर्दी के पीछे छुपा एक संवेदनशील इंसान खुद को रोक नहीं पाया। दरअसल, आधुनिक दौर में गायब हो चुके इन लालटेनों का वीडियो जब व्हाट्सएप ग्रुप जस्ट नीमच पर शेयर किया, तो मनासा थाना प्रभारी निलेश अवस्थी अतीत की यादों में खो गए और कभी हर घर की जरूरत रही इस पारंपरिक धरोहर को सड़क पर बिकता देख उनका दिल पिघल गया। बचपन के पुराने दिनों को सहेजने और उस गरीब युवक की मेहनत को संबल देने के लिए टीआई निलेश अवस्थी तुरंत खुद सीआरपीएफ रोड पर मौके पर पहुंचे, जहाँ उन्होंने युवक से बेहद आत्मीयता से बात की और उसकी लगन की सराहना करते हुए महज 100-100 रुपये वाले पूरे 10 लालटेन एक साथ खरीद लिए। थाना प्रभारी की इस संवेदनशीलता और अनूठी पहल को देखकर शहर के कई बड़े व्यापारी भी खुद को रोक नहीं पाए और तुरंत मौके पर पहुंचकर उन्होंने न सिर्फ युवक के कठिन परिश्रम की सराहना की, बल्कि अपने घरों को पुराने दौर के सुकून से रोशन करने के लिए वहाँ से जमकर लालटेन खरीदी। इस पूरे घटनाक्रम ने साबित कर दिया कि तकनीक चाहे कितनी भी आगे निकल जाए, लेकिन हमारी जड़ों और पुरानी यादों की चमक कभी फीकी नहीं पड़ती और यही वजह है कि टीआई निलेश अवस्थी के इस मानवीय चेहरे और नीमच वासियों के इस खुले दिल व अपनेपन की अब हर तरफ जमकर तारीफ हो रही है।