नीमच | भारतीय जनता पार्टी जिला नीमच जिला मीडिया प्रभारी मनोज माहेश्वरी और सह प्रभारी शुभम शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश नेतृत्व के निर्देशानुसार भारतीय जनता पार्टी जिला नीमच द्वारा महान शिक्षाविद्, प्रखर राष्ट्रवादी विचारक एवं भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती के उपलक्ष्य में 23 जून से 6 जुलाई तक "स्मरण पक्ष पखवाड़ा" मनाया जा रहा है। इसी क्रम में रविवार को मनासा स्थित अटल बिहारी वाजपेयी सभागृह में जिला स्तरीय सम्मेलन का भव्य आयोजन संपन्न हुआ।
जिला स्तरीय सम्मेलन में जिला प्रभारी सुभाष पटेल, जिला अध्यक्ष वंदना खंडेलवाल, विधायक ओमप्रकाश सकलेचा, विधायक दिलीप सिंह परिहार, विधायक अनिरुद्ध माधव मारू, जिला महामंत्री धनसिंह केथवास, नरेंद्र मालवीय सहित विभिन्न मोर्चों के जिला अध्यक्ष, नगर पालिका एवं नगर परिषद के जनप्रतिनिधि मंचासीन रहे।
कार्यक्रम स्थल पर डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के जीवन, संघर्ष एवं राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान पर आधारित प्रदर्शनी का आयोजन किया गया, जिसका उद्घाटन उपस्थित जनप्रतिनिधियों द्वारा किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। वंदे मातरम् का गायन हेमलता धाकड़ द्वारा किया गया।
स्वागत उद्बोधन देते हुए जिला अध्यक्ष वंदना खंडेलवाल ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जीवन राष्ट्रभक्ति, त्याग और समर्पण का अनुपम उदाहरण है। उन्होंने बताया कि भारतीय जनता पार्टी द्वारा उनकी जयंती के अवसर पर 23 जून से 6 जुलाई तक स्मरण पखवाड़ा आयोजित कर उनके विचारों एवं आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है।
जिला प्रभारी सुभाष पटेल ने अपने संबोधन में संगठन की मजबूती एवं कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण पर विशेष जोर देते हुए कहा कि डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से प्रत्येक कार्यकर्ता का पूर्ण प्रशिक्षण सुनिश्चित किया जाना चाहिए, जिससे संगठनात्मक कार्यों में और अधिक दक्षता एवं प्रभावशीलता लाई जा सके।
जावद विधायक ओमप्रकाश सकलेचा ने केंद्रीय मंत्री के रूप में डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी के विषय को रखते हुए अपने उद्बोधन में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के राष्ट्र निर्माण में योगदान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्होंने स्वतंत्र भारत के प्रथम उद्योग एवं आपूर्ति मंत्री के रूप में देश के औद्योगिक विकास की मजबूत नींव रखी। उन्होंने भारतीय संस्कृति, राष्ट्रीय एकता एवं आत्मनिर्भर भारत की अवधारणा को सशक्त करने का कार्य किया। डॉ. मुखर्जी की दूरदर्शी सोच एवं राष्ट्रहित सर्वोपरि की भावना आज भी देशवासियों के लिए प्रेरणास्रोत है।
नीमच विधायक दिलीप सिंह परिहार ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के राजनीतिक जीवन एवं भारतीय जनसंघ की स्थापना में उनके योगदान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वे अखंड भारत के प्रबल समर्थक एवं राष्ट्रवाद के महान पुरोधा थे। उन्होंने 21 अक्टूबर 1951 को भारतीय जनसंघ की स्थापना कर राष्ट्रवादी राजनीति की मजबूत आधारशिला रखी तथा उसके प्रथम राष्ट्रीय अध्यक्ष बने। उन्होंने जम्मू-कश्मीर में "एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान नहीं चलेंगे" के सिद्धांत को लेकर संघर्ष किया और परमिट व्यवस्था का पुरजोर विरोध किया। उनका राष्ट्रहित, सांस्कृतिक एकता एवं अखंड भारत के प्रति समर्पित जीवन हम सभी के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा। उनके आदर्शों एवं विचारों का अनुसरण करते हुए राष्ट्र सेवा के संकल्प को और अधिक सशक्त बनाने की आवश्यकता है।
मनासा विधायक अनिरुद्ध माधव मारू ने अपने वक्तव्य में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के सामाजिक, शैक्षिक एवं राजनीतिक योगदान पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्होंने राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए भारतीय राजनीति को नई दिशा प्रदान की। युवा अवस्था में ही उन्होंने उल्लेखनीय उपलब्धियां प्राप्त कीं तथा बंगाल की राजनीति एवं राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने नेहरू-लियाकत समझौते का विरोध करते हुए अपने सिद्धांतों से समझौता न कर मंत्री पद तक का त्याग कर दिया। कश्मीर आंदोलन में उनका योगदान भारतीय इतिहास में सदैव स्वर्ण अक्षरों में अंकित रहेगा। उनका जीवन राष्ट्र सेवा, त्याग और वैचारिक प्रतिबद्धता का अद्वितीय उदाहरण है।
कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। कार्यक्रम का आभार नगर परिषद मनासा प्रतिनिधि अजय तिवारी ने व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन जिला उपाध्यक्ष एवं कार्यक्रम संयोजक अर्जुन सिंह सिसोदिया ने किया।
जिला स्तरीय सम्मेलन में जिला पदाधिकारी, जनप्रतिनिधिगण, मंडल अध्यक्ष, मंडल पदाधिकारी, मंडल कार्यसमिति सदस्य, मोर्चा पदाधिकारी, प्रकोष्ठ पदाधिकारी, बूथ टोली के सदस्य एवं बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे