चित्तौड़गढ़/ रावतभाटा मंडेसरा पुलिया पार करते समय मंगलवार शाम 5 बजे पानी में बहे युवक का बुधवार सुबह 10 बजे झाड़ियों में शव मिला। वह जहां डूबा, उसके 2 किलोमीटर आगे शव मिला। शव आगे झरने में नहीं बहा, नहीं तो ढूंढने में और समय लगता। एसडीआरएफ और सिविल डिफेंस की टीम ने बुधवार को सुबह 8.30 बजे रेस्क्यू शुरू किया। रेस्क्यू डेढ़ घंटे चला। सरपंच और ग्रामीणों ने भी युवक की तलाश में सहयोग किया। भैंसरोडगढ़ थानाप्रभारी मोहनसिंह शेखावत ने बताया कि मोरटुका निवासी भंवरलाल मेघवाल (25) पुत्र देवीलाल मेघवाल मंगलवार को किसी काम से गांव से बाहर गया था। वापसी में गांव लौटते समय शाम 5 बजे मंडेसरा की पुलिया पार करने के दौरान पांव फिसल गया और बह गया था। कोटा के 10 एसडीआरएफ जवानों के साथ स्थानीय सिविल डिफेंस के पवनकुमार टांक, मांगीलाल कहार, सुरेश कहार, रमेश कहार, दुर्गेश कहार, विनोद कहार, विनोद शर्मा, लोकेश चौधरी, रतनलाल भील सहित मंडेसरा सरपंच शिवलाल गुर्जर, लुहारिया सरपंच प्रतिनिधि तुलसीराम और ग्रामीणों ने रेस्क्यू ऑपरेशन में सहयोग किया। ग्रामीणों ने कहा कि जल्द ही हमारे क्षेत्र की सभी क्षतिग्रस्त पुलियाओं का निर्माण नहीं करवाया गया तो आंदोलन किया जाएगा। जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। इस दौरान पूर्व सरपंच कामड मेघवाल, उपसरपंच मांगीलाल, देवीलाल, सोनू मेघवाल, हेमराज, माधवलाल, कालू भील, मुकेश, उदय, सुरेश, शंकर और ग्रामीणों ने मांग रखी। सिविल डिफेंस और एसडीआरएफ ने शव का रेस्क्यू किया। पुलिया बनाओ, 20 गांवों को परेशानी इस क्षेत्र की पुरानी पुलियाओं पर हर वर्ष मानसून में परेशानी होती है। लुहारिया सरपंच प्रतिनिधि तुलसीराम ने बताया कि अभी 15 अगस्त को पाड़ाझर पुलिया पर पानी के तेज बहाव में 53 पर्यटक फंस गए थे। इधर लुहारिया की पुलिया टूटी हुई है। बरसात में दो पंचायतों के करीब 20 गांव हर बरसात में टापू बन जाते है।