रतलाम - में सीवरेज की सफाई के दौरान सड़क का हिस्सा धंसने के बाद मलबे में दबने से एक कर्मचारी की मौत हो गई थी। मामले में पुलिस ने ठेका कंपनी के सुपरवाईजर पर केस दर्ज कर लिया। पुलिस ने जांच में माना है कि एजेंसी की लापरवाही रही है। काम के दौरान कर्मचारियों को सेफ्टी उपकरण नहीं पहनाए गए। इससे कर्मचारी की मौत हुई है। पुलिस ने सीवरेज सफाई का काम देखने वाली एजेंसी जय मां वरुड़ी कंस्ट्रक्शन के सुपरवाइजर देवेंद्र शर्मा पिता मुकेश शर्मा के खिलाफ केस दर्ज किया है। बता दे कि 16 सितंबर को शहर के दिलीप नगर में सीवरेज लाइन मेंटेनेंस कार्य के दौरान जेसीबी से खुदाई कर 10 फीट गहरा गड्ढा खोदा गया। दो कर्मचारी गड्ढे में उतरकर काम कर रहे थे। इसी दौरान सड़क किनारे का हिस्सा धंस गया। मिट्टी-पत्थर कर्मचारियों के ऊपर आ गिरे, इससे वे दोनों दब गए। सूचना पर नगर निगम से फायर लॉरी, पुलिस बल पहुंचा। इसके पहले क्षेत्रीय रहवासियों ने दोनों कर्मचारियों को बाहर निकालकर मेडिकल कॉलेज भिजवाया। यहां डॉक्टरों ने सुनील (26) पिता मुन्नालाल गौहर निवासी सैफी नगर को मृत घोषित कर दिया था। जबकि बहादुर (28) पिता हेमराज डामोर निवासी हरथल (रावटी) घायल हो गया था। घटना के अगले दिन 17 सितंबर को नगर निगम के सफाई कर्मचारियों ने हड़ताल कर दी। कर्मचारियों ने आरोप लगाए कि गड्ढे में उतारते समय ठेका कंपनी ने सुरक्षा के साधन नहीं पहनाए। हेलमेट और अन्य साधन होते तो सुनील की जान बच सकती थी। मृतक साथी के परिजन को एक करोड़ रुपए का मुआवजा और एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की थी। साथ नगर निगम में ठेका प्रथा को खत्म करने की भी मांग की।