जिले की चंगेरा मंडी में उपज के भाव को लेकर व्यापारी और किसान आमने-सामने हो गए। दोनों के बीच हुई तूतू-मैंमैं हुई। आखिर में किसान की जीत हुई, व्यापारी ने बोली के दौरान तय हुए दामों में ही किसान की उपज खरीदी। इसके बावजूद भी करीब डेढ़ घंटे से मंडी बंद है। जानकारी के अनुसार, बुधवार को चंगेरा मंडी में जिले सहित आसपास के क्षेत्रों के कई किसान अपनी गेहूं की उपज लेकर पहुंचे थे। इसी दौरान जब ढेर की बोली लग रही थी, तो मंत्री ब्रदर्स नामक फर्म के संचालक राजेश मंत्री ने एक ढेर की बोली लगाई, और फिर कुछ देर बाद गेहूं की क्वालिटी हल्की बताकर ढेर को लेने से इनकार कर दिया। इससे उपज का मालिक यानी किसान का नाराज हो गया। बोली लगाने के बाद किसान ने उसी व्यापारी को उपज खरीदने की बात कही। जिसके बाद अन्य किसान भी एकत्रित हो गए। हो-हल्ले के दौरान करीब डेढ़ घंटे के लिए मंडी में नीलामी बंद कर दी गई। फिर थक हारकर व्यापारी ने तय भाव 2413 रूपये में किसान की उपज को खरीदा गया। लेकिन इसके बाद किसानों से एक और मांग रखते हुए मंडी को चालू नहीं किया। उन्होंने व्यापारियों से कहा कि बोली लगने के बाद उपज को व्यापारियों के गोदाम तक छोड़कर आना पड़ता है। कभी 8 तो कभी 10 किलोमीटर दूर जाना पड़ता है। इसका खर्च भी अब व्यापारियों द्वारा ही दिया जाए। हालांकि फिलहाल मंडी बंद है, अब देखना यह है कि, किसानों की इस मांग का क्या हल निकलता है।