नीमच निकाय चुनावों में भाजपा की टिकिट वितरण प्रणाली पर उठे सवाल और इससे मचने वाले बवाल का परिणाम हम देख चुके है, जहाँ बगावत के सुरों ने इस कदर कोहराम मचाया की पार्टी के स्थानीय नेर्तत्व से लेकर बड़े नेताओं तक सभी सुन्न हो गए, निष्ठावान कार्यकर्ताओं की उपेक्षा कर की गई, टिकिटों की बंदरबांट ने नीमच जिले की मुख्य नगरपालिका सहित हर एक नगर परिषद में बागियों को जन्म दिया, जहाँ भारी विरोध और प्रदर्शन के साथ ही सालों से पार्टी का झंडा तोकने वाले कार्यकर्ताओं के बीच इस्तीफा देने की भी होड़ सी मच गई, वहीं कार्यकर्ताओं की इस नाराजगी का नतीजा चुनावी मैदान मे निर्दलियों के रूप में भी सामने आया...जहाँ भाजपा परिवार के हर एक नीति-नियम की धज्जियां उड़ती गई, जिसका मुख्य कारण रहा स्थानीय नेर्तत्व का क्षमताहीन होना जो अपने जमीनी कार्यकर्ताओं को संतुष्ट करने में नाकाम रहा और उन्हें बगावत के रास्ते की और ले गया नाराजगी का आलम कुछ इस कदर है, की पार्टी के अधिकृत उम्मीदवार को करारा जवाब देने के लिए, बागियों के बीच भी गहरा समन्वय देखने को मिल रहा है, और चुनावी मैदान में उतरे, निर्दलीय प्रत्याशी एक दूसरे को समर्थन देने लगे है...ताकि निर्दलीय प्रत्याशी के वर्चस्व का एहसास नेर्तत्व को कराया जा सके कुछ ऐसे ही उद्देश्य के साथ नीमच नपा के वार्ड 11 से भाजपा के निर्दलीय प्रत्याशी परसराम ने अपने प्रतिद्वंद्वी निर्दलीय प्रत्याशी पंकज श्रीवास्तव को अपना समर्थन दे दिया, और उन्हें चुनावी रण से जिताकर लाने का दृढ़ संकल्प लिया उन्होंने कहा कि पार्टी ने निष्ठावान कार्यकर्ताओं की अनदेखी की है, और बड़े नेताओं के हस्तक्षेप से ऐसे उम्मीदवार को टिकिट दिया, जो जनता की नापंसद है, लेकिन जिसके पास जनता का विश्वास और जनाधार है, वहीं अभ्यर्थी चुनाव जीतकर आता है इधर समर्थन मिलने के बाद निर्दलीय प्रत्याशी पंकज श्रीवास्तव ने कहा कि, जिस उम्मीदवार का विरोध लगातार वार्ड क्षेत्र की जनता कर रही थी, उसी को दोबारा रिपीट किया गया, जिससे जनता के बीच खासा आक्रोश पैदा हुआ, हमने जनता की लड़ाई लड़ी है, और जनता की लड़ाई लड़ने के लिए ही एक जनसेवक के रूप में हम आगे आये है, फिर चाहे किसी पार्टी का तमगा न हो जनता ने विश्वास जताया है, तो उस पर जरूर खरा उतरेंगे