मध्य प्रदेश चिकित्सा अधिकारी संघ ने सोमवार को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन कलेक्टर दिनेश जैन को सौंपा। जिसमें बताया गया कि चिकित्सकों के लिए डीएसीपी योजना हेतु गठित उच्च स्तरीय समिति की रिपोर्ट को लागू की जाए। इस दौरान मध्य प्रदेश चिकित्सा अधिकारी संघ शाखा नीमच के कोषाध्यक्ष डॉक्टर महेंद्र पाटील, कार्यकारिणी सदस्य डॉ संगीता भारती, डॉ निरुपमा झा, डॉ आशीष जोशी, डॉक्टर योगेंद्र धाकड़ सहित अन्य चिकित्सक मौजूद रहे। संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि अपनी मांगों को मनवाने के लिए चिकित्सक 1 मई को काली पट्टी बांधकर अपना विरोध दर्ज कराएंगे। यदि मांगे नहीं मानी जाती तो 2 मई को ओपीडी बंद रखकर उसका बहिष्कार किया जाएगा। फिर भी मांगे नहीं मानी गई तो 3 मई से अनिश्चित कालीन हड़ताल की जाएगी। संघ के पदाधिकारियों ने यह भी बताया कि 17 फरवरी को शासकीय स्वशासी चिकित्सा महाविद्यालय के 10 हजार चिकित्सकों ने अपनी कई वर्षों से लंबित मांगों को लेकर प्रदेश व्यापी आंदोलन किया था। जिसे मुख्यमंत्री के निर्देश व आश्वासन पर जनहित में स्थगित कर दिया था। मांगों को लेकर मुख्यमंत्री ने अपर मुख्य सचिव चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया था। कई दौर की बैठकों के बाद उच्च अधिकारियों एवं महासंघ के पदाधिकारियों की सहमति के बाद प्रतिवेदन आगे की कार्रवाई के लिए सरकार को भेजा लेकिन 2 महीने बीत जाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। इससे चिकित्सकों का धैर्य खत्म हो रहा है। 16 अप्रैल को इंदौर में आयोजित संगठन के महासम्मेलन में यह निर्णय लिया था कि मांग पूरी नहीं होने पर प्रदेश के सभी 10 हजार चिकित्सक 1 मई से दोबारा आंदोलन व हड़ताल करेंगे।