नीमच के रतनगढ़ थाना क्षेत्र के देवपुर में शासकीय तालाब में स्टॉप डेम बनाया गया था, इसमें राजस्थान के 20-22 मजदूरों ने मजदूरी की थी। 2 महीने में काम पूरा होने पर जब मजदूरों ने अपनी मजदूरी की राशि मांगी तो ठेकेदार ने आधी राशि 55 हजार रुपए दे दिए, बाकी के रुपए देने में आनाकानी कर रहा है। इससे परेशान मजदूर मंगलवार को जनसुनवाई में कलेक्ट्रेट पहुंचे। बताया गया कि सभी मजदूर कटार जाती के है और बासवाड़ा, राजस्थान के निवासी है। इन मजदूरों ने रतनगढ़ के पास देहपुर में शासकीय तालाब का कार्य किया था। इस काम की मजदूरी ठेकेदार ने पूरी नहीं दी, जब रुपए मांगने जाते हैं तो ठेकेदार कहता है कि तुम मेरा क्या बिगाड़ लोगे ? जाओ जहां जाना है चले जाओ। मजदूरों का कहना है कि हम मजदूर लोग है मजदूरी के लिए घर परिवार से दूर आकर मजदूरी करते है। ऐसे में मजदूरी नहीं मिलने पर परिवार का भरण-पोषण कैसे करेंगे। आवेदन में मांग की गई है कि ठेकेदार मुरली और गोटू नामक व्यक्तियों से हमारी पूरी मजदूरी दिलवाई जाएं। मजदूरों ने बताया कि उक्त मजदूरी कार्य के 22 मजदूरों के लगभग 2 लाख के आसपास मजदूरी बन रही है जिसमें से ठेकेदार ने केवल 55 हजार रुपए दिए है बाकी मजदूरी नहीं दी जा रही है। इस मामले में अपर कलेक्टर नेहा मीणा ने बताया कि उपरोक्त मामले में जावद एसडीएम को निर्देशित किया है कि डेम ठेकेदार से चर्चाकर संबंधित मजदूरों की पूरी मजदूरी दिलवाए और ठेकेदार पर उचित कार्रवाई करें।