मंदसौर। मंदसौर-नीमच संसदीय क्षेत्र के सांसद सुधीर गुप्ता ने लोकसभा में वस्त्र क्षेत्र से जुड़े अहम मुद्दों को उठाते हुए केंद्र सरकार से राष्ट्रीय वस्त्र मंत्रियों के सम्मेलन को लेकर विस्तृत जानकारी मांगी। सांसद सुधीर गुप्ता ने प्रश्न संख्या 550 के माध्यम से सरकार से पूछा कि हाल ही में गुवाहाटी में आयोजित राष्ट्रीय वस्त्र मंत्रियों के सम्मेलन के उद्देश्य, चर्चा के प्रमुख बिंदु और इसके परिणाम क्या रहे।
सांसद ने अपने प्रश्न में यह भी जानना चाहा कि सम्मेलन के दौरान वस्त्र उद्योग के विकास, निवेश, निर्यात, पारंपरिक हथकरघा और हस्तशिल्प को बढ़ावा देने के लिए क्या ठोस निर्णय लिए गए तथा केंद्र व राज्य सरकारों के बीच समन्वय को मजबूत करने के लिए कौन से कदम प्रस्तावित किए गए हैं।
इस पर उत्तर देते हुए केंद्रीय वस्त्र राज्य मंत्री पवित्रा मार्गेरिटा ने बताया कि 8-9 जनवरी 2026 को गुवाहाटी (असम) में राष्ट्रीय वस्त्र मंत्रियों का सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन का मुख्य विषय “एंड-टू-एंड सस्टेनेबिलिटी: विजन, ग्रोथ, हेरिटेज एंड इनोवेशन” रहा।
मंत्री ने बताया कि सम्मेलन में अवसंरचना विकास, निवेश और विनिर्माण, निर्यात बढ़ाने, भारत के वस्त्रों की ब्रांडिंग, तकनीकी वस्त्र, नए फाइबर, कच्चे माल की उपलब्धता तथा पारंपरिक हथकरघा और हस्तशिल्प जैसे विषयों पर गहन चर्चा हुई।
सरकार ने सम्मेलन में लिए गए निर्णयों के तहत केंद्र-राज्य समन्वय को मजबूत करने, आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देने, वर्ष 2030 तक वस्त्र निर्यात में उल्लेखनीय वृद्धि करने, कारीगरों और बुनकरों की आय एवं बाजार पहुंच सुनिश्चित करने तथा वस्त्र मूल्य श्रृंखला में सस्टेनेबिलिटी और नवाचार को एकीकृत करने की दिशा में काम करने का संकल्प लिया।
सांसद सुधीर गुप्ता के इस सवाल को वस्त्र उद्योग से जुड़े राज्यों और कारीगरों के हित में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जिससे भारत को वैश्विक वस्त्र हब बनाने की दिशा में ठोस पहल को बल मिला है।