जावद। धार्मिक, सामाजिक मीडिया प्रभारी नारायण सोमानी ने बताया है कि जिला मुख्यालय से 18 किलो मीटर दूर जावद में शीतला सप्तमी, शीतला अष्टमी, शीतला नवमी होने पर कुंवारों के देवता बिल्लम बावजी के स्थान पर आस्था की भीड उमड़ी युवक, युवतियों एवं भक्तजन लाईन में लगकर दर्शन शादी, ब्याह सहित करके अलग अलग प्रकार की मन्नते की। नगर में प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी धानमंडी, सराफा बाजार स्थित रिद्धि सिद्धि गणपति मंदिर के समीप आस्था का केंद्र कुंवारों के देवता बिल्लम बावजी रंगपंचमी रविवार को ढोल ढमाको, जय जयकारो के बीच मार्बल का मंदिर मे दिनांक 17 मार्च 2026 रंगतेरस तक 9 दिनों के लिए विधिविधान से शुभ मुहूर्त में विराजित हुए। धार्मिक, सामाजिक मीडिया प्रभारी नारायण सोमानी ने बताया है कि आस्था का केंद्र कुंवारों के देवता बिल्लम बावजी के स्थान पर मध्यप्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, चित्तौड़गढ़, निंबाहेड़ा, प्रतापगढ़, दलोदा, मंदसौर, उज्जैन, मनासा, रतनगढ, सिंगोली, गुजरात, बम्बई सहित दूरदराज से सैकड़ों युवक, युवतियां, भक्तजन आकर अपनी अपनी मन्नते मांगकर दर्शन करके पुण्य लाभ ले रहे है वही युवक, युवतियों सहित जिनकी शादी हो गई जोड़े सहित आकर दर्शन करके मन्नते उतार रहे है। नारायण सोमानी ने आगे बताया है कि कहा कुंवारों के देवता बिल्लम बावजी को जीवन में आ रहे कष्टों का भी निवारण के लिए दर्शन करना शुभ माना जाता है। बिल्लम बावजी को नारियल, अगरबत्ती, मीठा पान का भोग लगता है जो स्थल पर उपलब्ध है।