आशा उषा सहयोगी एकता यूनियन की अनिश्चितकालीन हड़ताल का शनिवार को 46वां दिन था। वहीं, बेमियादी हड़ताल के दौरान आशा उषा कार्यकर्ताओं ने 25 से 29 अप्रैल तक क्रमिक भूख हड़ताल कर प्रदर्शन किया। 29 अप्रैल को क्रमिक भूख हड़ताल का अंतिम दिन था। जिसमें आशा उषा कार्यकर्ताओं ने जिला अस्पताल ट्रामा सेंटर के सामने जमकर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया।
आशा पर्यवेक्षक अंगुरबाला ने कि नियमितीकरण और जीने योग्य वेतन देने की मांग को लेकर आशा उषा सहयोगी एकता यूनियन सीटू के बैनर तले आशा उषा कार्यकर्ता विगत 46 दिन से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। इस दौरान 25 से 29 अप्रैल तक क्रमिक भूख हड़ताल भी हमने की। लेकिन, अब तक शासन ने हमारी किसी भी मांगों का निराकरण नहीं किया। इसको लेकर आशा उषा कार्यकर्ताओं में आक्रोश पनप रहा है। समय रहते मांगे नहीं मानी गई तो सरकार को इसका फल भुगतना पड़ेगा। हमारी हड़ताल के चलते ग्रामीण क्षेत्रों में टीकाकरण जच्चा-बच्चा की जांच व देखभाल सहित शासन की अन्य स्वास्थ्य संबंधी योजनाएं प्रभावित हो रही है। जब तक हमारी मांगे नहीं मानी जाती तब तक यह अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगी।