नीमच। मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत सहायक राज्य परियोजना प्रबंधक एवं राज्य स्तरीय नोडल अधिकारी नेमिचन्द जादव ने 30 एवं 31 जुलाई को जिले के विभिन्न ग्रामों एवं मिशन गतिविधियों का भ्रमण कर स्व-सहायता समूहों की कार्यप्रणाली, आजीविका गतिविधियों तथा मिशन की प्रगति का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने जिला एवं विकासखंड स्तरीय टीमों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। भ्रमण के प्रथम दिवस 30 जुलाई को जादव ने जिला एवं विकासखंड टीम के साथ लोक अधिकार केंद्र, विकासखंड नीमच का निरीक्षण किया। उन्होंने केंद्र में प्राप्त होने वाले प्रकरणों की जानकारी लेते हुए उनके दस्तावेजों के सुव्यवस्थित संधारण एवं समयबद्ध निराकरण के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए। इसके उपरांत उन्होंने ग्राम कराड़िया महाराज का भ्रमण कर स्व-सहायता समूहों की दीदियों से संवाद किया। उन्होंने समूहों की गतिविधियों की जानकारी लेते हुए समूह संचालन से जुड़े 13 सूत्रों का नियमित पालन करने के महत्व पर विस्तार से चर्चा की। साथ ही नियमित समूह बैठकें आयोजित करने, अभिलेखों के संधारण तथा वित्तीय अनुशासन बनाए रखने की आवश्यकता पर भी प्रकाश डाला। इस अवसर पर समूहों को रिवॉल्विंग फंड, सामुदायिक निवेश निधि एवं बैंक ऋण प्राप्त करने की प्रक्रिया, समय पर ऋण पुनर्भुगतान तथा सीआईएफ राशि के पुनर्भुगतान संबंधी प्रावधानों की जानकारी दी गई। उन्होंने समूहों को ऋण प्राप्त करने से पूर्व माइक्रो क्रेडिट प्लान तैयार करने तथा उसी के आधार पर ऋण लेने के लिए प्रेरित किया। भ्रमण के दौरान समूहों के अभिलेखों का परीक्षण कर आवश्यक मार्गदर्शन भी प्रदान किया गया। इसके पश्चात समूह सदस्यों द्वारा संचालित विभिन्न आजीविका गतिविधियों का निरीक्षण किया गया। इसके उपरांत ग्राम चिताखेड़ा में भी समूह सदस्यों से संवाद कर मिशन की गतिविधियों की समीक्षा की गई तथा क्षेत्रीय स्टाफ को आवश्यक मार्गदर्शन एवं निर्देश दिए गए। भ्रमण के दूसरे दिवस 31 जुलाई को जादव ने ग्राम सुवाखेड़ा में समूह सदस्यों द्वारा संचालित आजीविका गतिविधियों का निरीक्षण किया। इसके पश्चात सीटीसी भरभड़िया का भ्रमण कर जिला एवं विकासखंड स्तरीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ मिशन के विभिन्न विषयों की लक्ष्य के विरुद्ध स्टाफवार एवं विकासखंडवार विस्तृत समीक्षा की। समीक्षा बैठक में उन्होंने अगस्त माह के दौरान जिन विषयों में प्रगति अपेक्षाकृत कम या संतोषजनक नहीं है, उनमें सुधार लाने के लिए आवश्यक रणनीति अपनाने के निर्देश दिए। साथ ही मिशन के सभी लक्ष्यों की समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण पूर्ति सुनिश्चित करने के लिए जिला एवं विकासखंड स्तर के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया।