बेंगलुरु द्वारा गठित 3 सदस्य टीम मंगलवार को नीमच के स्वामी विवेकानंद महाविद्यालय लीड कॉलेज पहुंची। टीम ने यहां 7 क्राइट एरियों पर मूल्यांकन किया। टीम दो दिन यहीं रहकर कॉलेज का निरीक्षण करेगी। टीम अपनी रिपोर्ट बेंगलुरु में सौंपेगी, जिसके बाद तय होगा कि कॉलेज को कौन सा ग्रेड मिलेगा।
ए ग्रेड मिलने पर 15 लाख और बी ग्रेड मिलने पर 10 लाख रुपए प्रोत्साहन राशि के रूप में पीजी कॉलेज को मिलेंगे, जो कॉलेज के विकास कार्यों में लगाए जाएंगे।
स्वामी विवेकानंद महाविद्यालय पीजी कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य केएल जाट ने बताया कि नेक की टीम बेंगलुरु द्वारा गठित की गई है। टीम 7 क्राइट एरियों पर मूल्यांकन करेगी, जिसमें पाठ्यक्रम, पढ़ाने के तरीके, रिसर्च सेंटर, इन्फ्रास्ट्रक्चर, खेल मैदान,लाइब्रेरी, कंप्यूटर कक्ष, पढ़ाई के कमरे सहित परिसर एवं अन्य व्यवस्थाओं का मूल्यांकन टीम के सदस्यों द्वारा किया जाएगा।
मूल्यांकन के बाद टीम द्वारा इसकी रिपोर्ट बेंगलुरु में सबमिट की जाएगी, उसके आधार पर महाविद्यालय की ग्रेड तय होगी। यदि महाविद्यालय ए ग्रेड में आता है तो 15 लाख रुपए और बी ब्रिगेड में आता है तो 10 लाख रुपए प्रोत्साहन राशि मिलेगी।
यह मध्यप्रदेश की अनिवार्य योजना है, जिसमें सभी कॉलेज को नैक मूल्यांकन कराना अनिवार्य होता है। यह टीम केंद्र द्वारा यूजीसी की नेक संस्था होती है जो मूल्यांकन करती है। नैक की टीम में 3 सदस्य शामिल हैं, जिसमें हरियाणा के अजमेर मलिक, परवई गुजरात के संजय शाह, मैसूर से राजशेखर होलसप्पा शामिल हैं। 3 राज्यों से प्रतिनिधि नीमच निरीक्षण के लिए पहुंचे हैं, जो नेक मूल्यांकन कर रहे हैं।