नीमच l कहना को तो रामपुरा में कांग्रेस का पलडा भारी है, लेकिन बिना एसडीपीआई के कांग्रेस की नय्या पार नही हो सकती। कांग्रेस को परिषद में काबिज होने के लिए एसडीपीआई के पिल्लर पर खडा होना पडेगा। एसडीपीआई ने रामपुरा परिषद में अपने दो पार्षद लाकर तमाम राजनीतिक पंडितो को गणित भूला दी और एक नया आयाम राजनीति का स्थापित कर दिया। रामपुरा नगर परिषद की 15 सीटो पर 06 पर कांग्रेस और 05 पर भाजपा है तो वहीं 02 पर निर्दलीय और 02 पर एसडीपीआई के उम्मीदवार है। भाजपा को 02 निर्दलीय का समर्थन हासिल हो चुका है। भाजपा के पास 07 सीटे है तो वहीं कांग्र्रेस के पास 06 सीट होकर एसडीपीआई के 02 उम्मीदवार है। अब एसडीपीआई के यह 02 उम्मीदवार की उम्मीदवारी अध्यक्ष पद की दावेदारी में तब्दील हो गई है। कांग्रेस हाईकमान और एसडीपीआई लीडर्स की बातचीत परिषद को लेकर जारी है। जिसमें एसडीपीआई के दो पार्षद को उपाध्यक्ष और अध्यक्ष समिति में शामिल किया जा सकता है। इसके साथ ही एसडीपीआई कांग्रेस की परिषद को बतौर एग्रीमेंट एक लंबी विकास कार्यो के फेहरिस्त थमाने के मूड में है। सुत्रो की माने तो एसडीपीआई के पार्षदों को भाजपा की तरफ से भी ऑफर है लेकिन दोनो ही विचारधारा एक दूसरे के विपरित है। जिसके चलते यह नामुमकिन सा प्रतित होता है। जल्द ही एमपी 44 न्यूज की खबर पर मुहर लग सकती है और इसकी अधिकारिक घोषणा हो सकती है।