नीमच। विधानसभा की तर्ज पर नीमच की नगरपालिका का दरबार सज रहा है। 06 अगस्त की तैयारी जोरो शोरो पर जारी है। नपाध्यक्ष की कुर्सी एक मजबूत दावेदार का इंतजार कर रही है। पूरा शहर ही नही बल्कि पूरे प्रदेश की नजर नीमच की नगरपालिका की कुर्सी पर टीकी है। हम आपको नीमच नगरपालिका के चार बड़े दावेदार और जो भाजपा के चार स्तंभ के मानी है। आखिर क्यों संघ-भाजपा इन चारो दावेदारो में से किसी एक को चुनने में पशोपेश में है। आपको बतातें है इनका इतिहासः-
नीमच नपाध्यक्ष के रूप में सबसे बड़ा नाम रंजना करणसिंह परमाल का है और आखिर हो भी क्यों ना? संघ-जनसंघ, जनता पार्टी, के लिए जो कुरबानी 1940 के दशक में करणसिंह परमाल के पिता ने दी है। उनका इतिहास को नजरअंदाज कर देना संघ-भाजपा के लिए बड़ी चुनौती है। करणसिंह परमाल के पिता लालारामसिंह परमाल ब्रिटीश काल से ही आरएसएस के विस्तारक के रूप में जुड़े है। उन्होने अपना पूरा जीवन आरएसएस को जमीनी तौर पर मजबूती के लिए समर्पित कर दिया। ब्रिटीश हुकुमत के जुल्म-ओ-सितम को सहा। अंग्रेजी हुकुमत करणसिंह परमाल और आरएसएस के बढ़ते प्रभाव से इतनी खौफज़दा थी की उन्होने लालारामसिंह परमाल पर हत्या, बलात्कार, लूट जैसे संगीन आरोपो में जेल मे ठूस दिया। जिसकी पैरवी भाजपा बैरिस्टर उमाशंकर ओर पूर्व मुख्यमंत्री विरेंद्र सखलेचा ने की और उन्हे बा-इज्जत बरी करवाया। श्री स्व.परमाल धार, मंदसौर, रतलाम जिले के पहले संघ प्रचारक थे। जिन्होने कुशाभाउ ठाकरे के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम किया। बात करणसिंह परमाल की करे तो वहीं बीते 45 सालो से संघ का भगवा थामें जमीनी सतह पर काम कर रहे है। वह 30 सालो तक डॉ लक्ष्मीनारायण पांडे के सांसद प्रतिनिधी रहे। नगरमंडल, नगर महामंत्री, युवा जनता पार्टी, नीमच-मंदसौर प्रभारी सहित कई पदो पर पदाासिन रहे और वर्तमान मे भी प्रदेश कार्यसमिति में पदस्थ है। इसके साथ ही इनके मजबूत संबंध सीएम शिवराजसिंह चौहान, केंद्रीय मंत्री नरेंद्रसिंह तोमर है।
नपाध्यक्ष के दूसरे बड़े दावेदार के रूप में वंदना खण्डेलवाल का नाम सामने आ रहा है। श्रीमती खण्डेलवाल बीते 25 सालो से भाजपा से सक्रीय राजनीति में जुड़ी रही। वह वार्ड नम्बर 25 से दो बार पार्षद रह चुकी है। वर्तमान में वार्ड नम्बर 24 से वह इतिहासिक रूप से पार्षद का चुनाव जीती है। वह संगठन में महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष के पद पर दो बार पदासिन हुई तो वहीं महिला मोर्चा जिलाउपाध्यक्ष भी रही। जनभागीदारी समिति में भी अपनी भूमिका निभाई ओर गर्ल्स स्कूल में शाला विकास समिति अध्यक्ष रहते हुए शिक्षा के क्षेत्र में काम किया। वह सांसद प्रतिनिधी भी रह चुकी है। इसके साथ ही वर्तमान में जिला संगठन में बतौर उपाध्यक्ष अपनी भूमिका निभा रही है। श्रीमती खण्डेलवाल को प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा, विधायक दिलीपसिंह परिहार ओर भाजपा जिलाध्यक्ष पवन पाटीदार का करीबी माना जाता है।
तीसरा बड़ा नाम नपाध्यक्ष की कुर्सी के लिए स्वाति चौपड़ा का है। स्वाति चौपड़ा वरिष्ठ भाजपा नेता संतोष चौपड़ा की पुत्रवधु है ओर वार्ड 33 से वर्तमान में नवनिर्वाचित पार्षद है। श्रीमती चौपड़ा भीलवाड़ा राजस्थान में एबीवीपी में सक्रीय कार्यकर्ता के रूप में छात्रहितो की लड़ाई लडी और हाई-प्रोफाइल शिक्षा ग्रहण की। इसके साथ ही वर्तमान में एमबीए मुंबई से पास ऑउट किया। इसके साथ ही उनके ससुर जिन्हे पूरा शहर संतोष चोपड़ा के नाम से जानता है। वह नामी व्यापारी और कोलोनाईजर है। सन 1980 से जनसंघ के जमाने से वह छात्र राजनीति मे सक्रीय रहे। इसके साथ ही भाजपा में जिलाध्यक्ष, कोषाध्यक्ष, विधानसभा चुनाव प्रभारी और वर्तमान में जिला कार्यसमिति सदस्य है। इसके साथ ही खेल भावना, युवाओ के लिए सेल्फ डिफेंस, ओर अन्य सामाजिक, धार्मिक कार्यक्रमों के लिए बड़ा नाम माना जाता है। इसके साथ ही दीदी मां ऋतंभरा की वात्सल्य समिति के जिलाध्यक्ष है। वैश्य समाज के संभागाध्यक्ष ओर पूर्व में भी रघुराजसिंह चौरड़िया के सामने चुनाव लड़ चुके है। श्री चौपड़ा केंद्रीय मंत्री नरेंद्रसिंह तोमर, सांसद सुधीर गुप्ता, दिलीपसिंह परिहार के बेहद करीबी माने जाते है।
अब बात करते है चौथी दावेदार किरण शर्मा की। किरण शर्मा वार्ड नम्बर 14 से नवनिर्वाचित पार्षद बनी है। वह नपाध्यक्ष की दावेदार के रूप में लगातार सामने आ रही है। वह ब्राहमण समाज से उच्च शिक्षित है। बात उनकी राजनीतिक बैकग्राउण्ड या सक्रीयता की करे तो वह भाजपा में वर्तमान में सांसद प्रतिनिधी, पूर्व में महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष, भाजपा नगरमंडल मंत्री, जिला महामंत्री महिला मोर्चा, प्रदेश कार्यसमिति महिला, राष्ट्रीय कार्यसमिति महिला, निगरानी समिति जिला पंचायत सदस्य, इसके साथ ही विधानसभा, लोकसभा और अन्य चुनावो में वह बतौर जिला प्रभारी के रूप में अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन कर चुकी है। वह भाजपा -संघ में कंधे से कंधा मिलाकर कार्य करती आई हे और उन्हे भाजपा में आयरन लेडी की उपाधि हासिल है। किरण शर्मा शीर्ष नेतृत्व में महिला मोर्चा प्रदेशाध्यक्ष माया नरोलिया, पूर्व राज्य महिला आयोग अध्यक्ष लता वानखेड़े, पूर्व राज्य महिला आयोग सदस्य और राज्यसभा सदस्य कविता पाटीदार का समर्थन हासिल है।
नीमच नपाध्यक्ष के लिए यह चार बड़े दावेदार अपनी उपलब्धि और काबिलियत की सहारे कुर्सी हासिल करने की जुगत में है। अब देखना होगा की आखिर संघ-भाजपा की अदालत से किसके लिए यह फरमान जारी होता है। एमपी 44 न्यूज की खास रिपोर्टः-