भोपाल। अब प्रदेश के और अधिक कौशलवान व्यक्तियों को मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना का लाभ मिलेगा। अब इस योजना में कुछ नए बदलाव किए गए हैं, जिसमें आवेदक की आयु सीमा 18 से 40 वर्ष, को बढ़ाकर 45 वर्ष कर दिया गया है, और निम्नतम शैक्षणिक योग्यता 10वीं को घटाकर 8वीं कर दिया गया है। जिससे अब और भी अधिक युवा प्रतिवर्ष स्वरोजगार से जुड़ेंगे
योजना में किए गए क्रांतिकारी बदलाव को लेकर प्रदेश के सूक्ष्म,लघु और मध्यम उद्यम मंत्री ओम प्रकाश सखलेचा ने कहा कि मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के माध्यम से अधिक से अधिक युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना है। इसके लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में हमने अति आवश्यक निर्णय लेते हुए मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना में लाभ पाने के लिए आयु सीमा को बढ़ाने और शैक्षणिक योग्यता को घटाने का निर्णय लिया है।
मंत्री ओम प्रकाश सखलेचा ने कहा कि कई ऐसे काम हैं जिनमें अधिक उम्र और कम पढ़ाई के साथ कौशल की सीमा तय नहीं की जा सकती। कई ऐसे कौशलवान नागरिक भी है जो कम पढ़े लिखे हैं लेकिन उनका हुनर डिग्रीधारियों से कम नहीं हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार की मंशा है कि प्रदेश का कोई भी युवा और 45 वर्ष तक का नागरिक बेरोजगार नहीं रहे।
सीएम शिवराज सिंह चौहान का मंत्री ओम प्रकाश सखलेचा ने जताया आभार
मंत्री ओम प्रकाश सखेलचा ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का आभार जताते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में लिए गए इस क्रांतिकारी बदलाव के निर्णय के माध्यम से अब प्रदेश के और भी अधिक युवा आत्मनिर्भर होंगे। इसके लिए मैं सीएम शिवराज सिंह चौहान का आभार व्यक्त करता हूं। हमारी सरकार युवाओं को 1 से 50 लाख रुपए तक का लोन दिलाएगी, जिसमें हम 3% ब्याज अनुदान भी देंगे।
मंत्री ओम प्रकाश सखलेचा ने बताया कि पूर्व में मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना में आवेदक की शैक्षणिक योग्यता 10वीं पास और अधिकतम आयु सीमा 40 वर्ष तक निर्धारित थी।