जावद।
मंत्री ओम प्रकाश सखलेचा के जावद क्षेत्र में 20000 करोड रुपए के इन्वेस्टमेंट के दावे को कांग्रेस नेता समंदर पटेल ने हास्यास्पद करार दिया है। उन्होंने पलटवार करते हुए कहा कि मंत्री के दावे पर विश्वास करें तो हर साल क्षेत्र में 1000 करोड रुपए अर्थात हर महीने 80 से 90 करोड रुपए का इन्वेस्टमेंट हुआ।
इतनी मोटी रकम क्षेत्र में आने के बाद भी जावद की तस्वीर क्यों नहीं बदल पाई। जावद को छोड़ दे तो आसपास के गांवों में न सड़के हैं और न ही पीने को शुद्ध पानी। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य की सुविधा किसी से छुपी नहीं है। सब डिविजनल हैडक्वार्टर होने के बावजूद लोगों को सर्दी खांसी के इलाज के लिए भी नीमच या फिर उदयपुर जाना पड़ता है। शिक्षा के क्षेत्र में भी कोई ज्यादा बदलाव नहीं आया। किसानों के खेत पर आज भी फसल तक पानी नहीं पहुंच पाया। 20000 करोड रुपए का डायरेक्ट और इन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट होता तो क्षेत्र में सैकड़ो बेरोजगार युवक दर दर की ठोकरे नहीं खाते।
सोलर प्लांट से कितने लोगों को रोजगार मिला, मंत्री अब तक बताने की स्थिति में नहीं है। आजादी के 70 साल बाद भी सिंगोली, रतनगढ़ और जाट पट्टी सड़क, पानी सहित तमाम तरह की मूलभूत सुविधाओं से अछूती है। पटेल ने कहा कि झूठ बोलो, जट बोलो और जोर से बोलो का जमाना चला गया।
आज सूचना क्रांति का दौर है और अपने क्षेत्र की विकास योजनाओं पर हर व्यक्ति नजर रखता है। झूठ की यह झांसा पट्टी अब नहीं चलने वाली। जनता को कराए गए सखलेचा के विकास कार्यों का हिसाब देने की बात पर पटेल ने पूछा कि उन्होंने आखिर किया ही क्या है? चुनावी साल के अंत में लोगों को बड़े-बड़े सब्ज बाज दिखाकर कुछ स्थानों पर योजनाओं का शिलान्यास करवा दिया गया लेकिन उनके लिए आवश्यक धनराशि का आवंटन नहीं करा पाए। नीमच से लेकर जावद तक इसी प्रकार ताबड़तोड़ भाटे लगवा दिए गए। इस प्रकार के इन्वेस्टमेंट से क्षेत्र का विकास कैसे हो सकता है।