नीमच, मध्य प्रदेश विद्युत मंडल नीमच द्वारा एक आम जनता के नाम सूचना प्रसारित कर शहर की जनता को बड़े स्तर पर लूटने की तैयारी कर दी है एम ,पी, ई ,बी विभाग के अधिकारी अमित सक्सेना से मानवाधिकार निगरानी समिति जिला संरक्षक शिव माहेश्वरी जिला अध्यक्ष दिलीप छाजेड़ जिला महामंत्री प्रवीण, रमेश जायसवाल, नगर अध्यक्ष मनीष जैन मारू,और पूर्व पार्षद गजेंद्र चावला ने चर्चा की तो पता चला कि महा सितंबर, अक्टूबर से मध्य प्रदेश विद्युत मंडल द्वारा मोबाइल पर बकाया बिल की जानकारी एसएमएस के माध्यम से दी जाएगी छपे हुए बिल नहीं दिए जाएंगे जब छाजेड़ और चावला ने कहा कि हमारे जिले ही नहीं वरन संपूर्ण देश में आज भी साक्षरता की कमी है तकरीबन 60% लोग अंग्रेजी को समझने से वंचित हैं भले ही मोबाइल तकरीबन आधी से ज्यादा आबादी के पास उपलब्ध हो सकते हैं लेकिन उनके फंक्शन अंग्रेजी वर्णित होते हैं जिनको लोग नहीं समझ पाते हैं ऐसे में विद्युत मंडल उस मोबाइल पर एसएमएस भेज कर इतिश्री कर लेगी और समय पर पैसा जमा नहीं होने पर जुर्माना लगा देगी और कनेक्शन काट देगी
जिसके नाम पर शायद हजारों लाखों रुपए लोगों से वसूल किए जाएंगे जबकि वर्तमान समय में प्रत्येक बिल की छपाई और बांटने का तकरीबन ₹28 शुल्क हर विद्युत उपभोक्ता से लिया जाता है तो फिर इस प्रकार के कृत्य कहां तक उचित है दूसरा जटिल प्रश्न यह भी है कि अगर किसी विद्युत उपभोक्ता के पास मोबाइल नहीं है तो क्या विद्युत मंडल उनको फ्री में मोबाइल उपलब्ध कराएगा और जिनको मोबाइल के फंक्शन की जानकारी नहीं है क्या उनके लिए भी कोई पढ़ाई की व्यवस्था विद्युत मंडल करेगा कहीं ऐसा ना हो कि उनके इस कृत्य से एक बड़ा आंदोलन खड़ा हो जाए या कई घरों की रोशनी इनके तानाशाही रवैया के कारण अंधेरे में बदल जाए नेताओं ने विद्युत मंडल से मांग की है कि इस प्रकार के तानाशाही फरमान जारी करने के पूर्व समीक्षा कर कार्य करें अन्यथा इसके परिणाम आने वाले समय में गंभीर हो सकते हैं