KHABAR: लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ को कुलगुरु ने गद्दी पर बैठाया, ओडिशा के डिप्टी सीएम, कवि शैलैश लोढ़ा सहित तमाम गेस्ट उदयपुर के सिटी पैलेस पहुंचे, पढ़े खबर

MP 44 NEWS April 2, 2025, 12:26 pm Technology

उदयपुर - मेवाड़ पूर्व राजपरिवार के सदस्य डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ को कुलगुरु डॉ. वागीश कुमार गोस्वामी ने बुधवार को गद्दी पर बैठाया। उनके पिता अरविंद सिंह मेवाड़ का निधन 16 मार्च को हुआ था। इससे पहले गद्दी उत्सव की परंपरा निभाई गई। सिटी पैलेस परिसर में सुबह करीब 9:30 बजे हवन-पूजन शुरू हुआ था। ओडिशा के डिप्टी सीएम और लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ के ससुर कनकवर्धन सिंह, जाने-माने कवि और एक्टर शैलेश लोढ़ा सहित तमाम लोग उदयपुर सिटी पैलेस में सुबह ही पहुंच चुके थे। सिटी पैलेस स्थित नौ चौकी महल के राय आंगन में सभी लोग सफेद रंग के कपड़े पहनकर आए हैं। डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ भी सफेद कपड़ों में विधि-विधान से परंपरा निभा रहे हैं। इस दौरान लक्ष्यराज सिंह के बेटे हरितराज सिंह मेवाड़ ने संतों का आशीर्वाद लिया। सिटी पैलेस में नौ चौकी महल के राय आंगन में गद्दी उत्सव की रस्म निभाई जा रही है। 3 बजे शुरू होगा अश्व-पूजन इसके बाद दोपहर 3 बजे अश्व पूजन की परंपरा होगी। पूर्व राजपरिवार की परंपरा के अनुसार, शाम 4:20 बजे कैलाशपुरी स्थित श्री एकलिंगनाथजी के दर्शन करने भी लक्ष्यराज पहुंचेंगे। इसके बाद शाम 7 बजे हाथीपोल द्वार का पूजन किया जाएगा। रात 8:15 बजे भाईपा और सरदारों के रंगपलटाई दस्तूर की परंपरा निभाई जाएगी। अरविंद सिंह मेवाड़ का निधन 16 मार्च को हुआ था। परंपरा के अनुसार अब उनके बाद लक्ष्यराज सिंह का गद्दी उत्सव हो रहा है। जगदीश मंदिर में रात 9 बजे करेंगे दर्शन लक्ष्यराज सिंह रात 9 बजे जगदीश मंदिर में दर्शन के लिए जाएंगे। बता दें कि मेवाड़ राजपरिवार के सदस्य अरविंद सिंह मेवाड़ का निधन 16 मार्च को हुआ था। वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे। कार्यक्रम में शामिल होने के लिए ड्रेस कोड भी निर्धारित किया गया है। पुरुषों को सफेद कुर्ता-पायजामा पहनना है। महिलाएं सफेद सूट या पारंपरिक सफेद पोशाक में हैं। अरविंद सिंह मेवाड़ का अंतिम संस्कार उदयपुर के आयड़ क्षेत्र स्थित 'महासतिया' में किया गया था। विश्वराज सिंह की हुई थी राजतिलक रस्म अरविंद सिंह मेवाड़ के बड़े भाई महेन्द्र सिंह मेवाड़ का निधन 10 नवंबर 2024 को हुआ था। इसके बाद उनके बेटे और नाथद्वारा विधायक विश्वराज सिंह मेवाड़ की राजतिलक की रस्म निभाई गई थी। चित्तौड़गढ़ के किले में इसका आयोजन हुआ था।

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