उज्जैन जिले के झारड़ा क्षेत्र में शासकीय भूमि विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। शनिवार को गोशाला के सामने अतिक्रमण हटाने के बाद हुए विवाद में सरपंच प्रतिनिधि नागूलाल मालवीय (50) पर लाठी से हमला किया गया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया है। यह विवाद 2 अप्रैल को प्रशासन की संयुक्त टीम द्वारा झारड़ा स्थित गोशाला की जमीन के सामने से अवैध अतिक्रमण हटाने के बाद शुरू हुआ था। इस टीम में तहसीलदार, पटवारी और पुलिस अधिकारी शामिल थे। शनिवार को सरपंच सविता मालवीय के पति और प्रतिनिधि नागूलाल मालवीय नई आबादी झारड़ा के निवासी हैं। वे उसी जमीन का मुआयना करने मौके पर पहुंचे थे। वहां मौजूद कुछ लोगों ने फलदार पेड़ और फसलें हटाने पर नाराजगी जताते हुए उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। नागूलाल मालवीय के अनुसार, भागीरथ सोलंकी, उनके बेटे प्रमोद, बेटी संगीता, पत्नी शांताबाई और अन्य परिजनों ने पहले उनसे अभद्र भाषा का प्रयोग किया और फिर उन्हें पकड़कर लाठी-डंडों से हमला किया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आरोपियों ने उन पर ताबड़तोड़ लाठियां बरसाईं, जिससे उनके सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आईं। घटना के बाद नागूलाल को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें उज्जैन रेफर कर दिया। उनका इलाज वर्तमान में तिरुपति अस्पताल में जारी है। मामले में प्रमोद पिता भागीरथ, शांति बाई पति भागीरथ, संगीता पिता भागीरथ, भागीरथ सोलंकी पिता मांगीलाल, राहुल पिता गंगाराम और सज्जन बाई पति गंगाराम के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। दूसरे पक्ष ने भी अपना पक्ष रखा है। फरियादी प्रमोद ने बताया कि उन्होंने अतिक्रमण बिना किसी विवाद के हटा दिया था, लेकिन फिर भी उनके फलदार पेड़ उखाड़ दिए गए और फसलों को नुकसान पहुंचाया गया, जिसके कारण यह विवाद उत्पन्न हुआ।