नीमच। मध्यप्रदेश शासन के गृह विभाग द्वारा 2 मई 2026 को जारी व्यापक तबादला सूची में 60 से अधिक आईपीएस अधिकारियों के पदस्थापन बदले गए हैं। इस बड़े प्रशासनिक फेरबदल के बीच नीमच जिला सबसे ज्यादा चर्चा में है, जहां पुलिस अधीक्षक स्तर पर नेतृत्व पूरी तरह बदल दिया गया है। अब नीमच की कमान 2016 बैच के आईपीएस अधिकारी राजेश व्यास के हाथों में होगी, जबकि वर्तमान एसपी अंकित जायसवाल (IPS 2017) को एसपी रेल भोपाल पद पर स्थानांतरित किया गया है। नीमच में ‘नई कप्तानी’, नया संकेत एसपी स्तर पर बदलाव को महज रूटीन ट्रांसफर नहीं माना जा रहा। सीमावर्ती जिले नीमच में कानून-व्यवस्था, तस्करी, सड़क हादसे और अवैध गतिविधियों को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। ऐसे में प्रशासन ने यहां अनुभवी और इंटेलिजेंस बैकग्राउंड वाले अधिकारी को जिम्मेदारी सौंपी है। यह बदलाव साफ संकेत देता है कि अब जिले में पुलिसिंग का तरीका अधिक सख्त, रणनीतिक और परिणाम आधारित हो सकता है। कौन हैं नए एसपी राजेश व्यास? राजेश व्यास को एक सुलझे हुए, सौम्य, शांत और शालीन अधिकारी के रूप में जाना जाता है, लेकिन उनकी कार्यशैली में सख्ती और स्पष्टता भी उतनी ही दिखाई देती है। उन्होंने इंदौर जैसे बड़े शहर में कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया है: सीएसपी इंदौर। एडिशनल डीसीपी क्राइम। डीसीपी क्राइम डीसीपी (इंटेलिजेंस एवं सिक्योरिटी) इसके अलावा वे एसपी अलीराजपुर रह चुके हैं और छत्तीसगढ़ विद्युत मंडल में चीफ विजिलेंस ऑफिसर के रूप में भी सेवाएं दे चुके हैं। अनुभव + इंटेलिजेंस = नई रणनीति? इंदौर में खुफिया तंत्र और क्राइम कंट्रोल पर काम करने का अनुभव अब नीमच में काम आ सकता है।सीमावर्ती जिले होने के कारण यहां। मादक पदार्थों की तस्करी। अवैध कारोबार।अंतरराज्यीय नेटवर्क। जैसी चुनौतियां बनी रहती हैं। ऐसे में इंटेलिजेंस बैकग्राउंड वाले अधिकारी की नियुक्ति को रणनीतिक कदम माना जा रहा है। ‘सख्ती’ और ‘संवेदनशीलता’ दोनों की पहचान राजेश व्यास की कार्यशैली की खास बात यह मानी जाती है कि वे सिर्फ सख्ती नहीं, बल्कि सामुदायिक पुलिसिंग और तकनीक के संतुलन पर भी जोर देते हैं। अलीराजपुर में उनके कार्यकाल के दौरान चलाया गया मोबाइल ट्रेसिंग अभियान काफी चर्चा में रहा, जिसमें गुम मोबाइल वापस दिलाने जैसे कामों से जनता का भरोसा मजबूत हुआ। नीमच पुलिस से क्या उम्मीद? नए एसपी के आने के बाद जिले में कई बदलावों की उम्मीद जताई जा रही है। थानों की कार्यप्रणाली में सुधार। लंबित मामलों में तेजी। फील्ड में पुलिस की सक्रियता बढ़ना। अवैध गतिविधियों पर सख्ती।स्थानीय लोगों का मानना है कि एक संतुलित और अनुभवी अधिकारी के आने से जिले में कानून व्यवस्था और मजबूत हो सकती है। पूरे प्रदेश में बड़ा फेरबदल इस ट्रांसफर लिस्ट में इंदौर, भोपाल, ग्वालियर सहित कई बड़े शहरों में भी DIG, ADG और SP स्तर पर व्यापक बदलाव किए गए हैं। पुलिस मुख्यालय, प्रशिक्षण संस्थानों और रेल पुलिस में भी नई जिम्मेदारियां तय की गई हैं। कुल मिलाकर, यह तबादला सूची सिर्फ प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि सिस्टम को नई दिशा देने का संकेत है। अब निगाहें नीमच के नए कप्तान राजेश व्यास पर रहेंगी—कि वे अपने अनुभव और कार्यशैली से जिले की पुलिसिंग में कितना बदलाव ला पाते हैं।