मंदसौर। मंदसौर विधानसभा क्षेत्र के लोकप्रिय विधायक विपिन जैन ने मध्यप्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र में तारांकित प्रश्न के माध्यम से वर्ष 2020 की अतिवृष्टि से प्रभावित किसानों के बकाया राहत मुआवजे का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने राजस्व मंत्री से सवाल किया कि शासन द्वारा आरबीसी 6(4) के अंतर्गत स्वीकृत राहत राशि में से अब तक वितरित न की गई राशि कब तक पात्र किसानों को प्रदान की जाएगी।
विधायक विपिन जैन ने सदन में बताया कि वर्ष 2020 की अतिवृष्टि के बाद मंदसौर जिले के 51,179 किसानों के लिए ₹80.08 करोड़ की राहत राशि स्वीकृत की गई थी। इनमें से लगभग ₹52.60 करोड़ का वितरण कर दिया गया, जबकि 15,186 किसानों के ₹27.47 करोड़ आज भी बकाया हैं। उन्होंने कहा कि इस संबंध में वे पूर्व में भी दो बार तारांकित प्रश्न लगा चुके हैं, जिनके उत्तर में स्वयं सरकार ने स्वीकार किया था कि उक्त राशि शेष है तथा धन उपलब्ध होने पर उसका भुगतान किया जाएगा ।
जैन ने सदन में कहा कि छह वर्ष बीत जाने के बावजूद हजारों किसान अपने अधिकार की राहत राशि का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने मंत्री से स्पष्ट रूप से पूछा कि जब सरकार पहले बकाया राशि स्वीकार कर चुकी है तो अब यह क्यों कहा जा रहा है कि प्रश्न उपस्थित नहीं होता । उन्होंने इसे विरोधाभासी बताते हुए सरकार से स्पष्ट समय-सीमा बताने की मांग की।
विधायक जैन ने मुख्यमंत्री द्वारा घोषित किसान कल्याण वर्ष का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि मंदसौर विधानसभा के 15,186 किसानों को उनका ₹27 करोड़ से अधिक का बकाया मुआवजा प्रदान कर दिया जाए, तभी किसान वास्तव में महसूस करेंगे कि सरकार किसान कल्याण के प्रति गंभीर है। उन्होंने मंत्री से भावुक अपील करते हुए कहा कि वे पहली बार विधायक बने हैं और किसानों के अधिकार के इस विषय पर उन्हें स्पष्ट उत्तर दिया जाए, न कि बात को टालने का प्रयास किया जाए।
राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने अपने उत्तर में कहा कि मंदसौर जिले को राहत राशि के रूप में सर्वाधिक राशि दी गई है तथा अन्य वर्षों में भी किसानों को राहत प्रदान की गई है। हालांकि विधायक विपिन जैन लगातार वर्ष 2020 के लंबित ₹27.47 करोड़ के भुगतान पर ही जवाब मांगते रहे और सरकार से स्पष्ट घोषणा करने का आग्रह किया कि यह राशि आखिर कब तक किसानों के खातों में पहुंचेगी।
विपक्ष के नेता उमंग सिंघार सहित कांग्रेस के कई विधायकों ने भी विपिन जैन की मांग का समर्थन करते हुए सरकार से लंबित मुआवजा राशि के भुगतान की समय-सीमा घोषित करने की मांग की। विपक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार स्वयं पूर्व में बकाया राशि स्वीकार कर चुकी है, इसके बावजूद किसानों को आज तक उनका अधिकार नहीं मिला है।
जब सरकार की ओर से बकाया राशि के भुगतान की कोई निश्चित समय-सीमा नहीं बताई गई, तब उत्तर से असंतुष्ट कांग्रेस विधायकों ने सदन से बहिर्गमन किया।
विधायक विपिन जैन ने कहा कि उनका संघर्ष तब तक जारी रहेगा, जब तक मंदसौर विधानसभा के प्रत्येक पात्र किसान को उसका वैधानिक और स्वीकृत मुआवजा प्राप्त नहीं हो जाता।