नीमच। हमारी संस्कृति में गाय का विशेष स्थान हैं। गाय को माँ का दर्जा दिया जाता हैं । क्योंकि गौ माता की सेवा के लिए तो इस धरती पर पर भगवान ने भी अवतार लिया था। जैसे एक माँ का ह्रदय कोमल होता हैं, वैसा ही गाय माता का ह्रदय होता हैं। जैसे एक माँ अपने बच्चो को हर स्थिति में सुख देती हैं, वैसे ही गाय भी मनुष्य जाति को लाभ प्रदान करती हैं। आज भी भारतीय समाज में गाय को गौ माता कहा जाता है। उक्त बात बछ बारस के पुनीत अवसर पर राष्ट्रीय गौ सेवा संघ द्वारा तांगा अड्डा स्थित सद्गुरु गौशाला श्री गंगेश्वर महादेव परिसर में आयोजित कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी जिलाध्यक्ष पवन पाटीदार ने बतौर मुख्य अतिथि कही । उन्होंने कहा कि ब्रह्माजी ने जब सृष्टि की रचना की थी तो सबसे पहले गाय को ही पृथ्वी पर भेजा था ।
भारतीय संस्कृति के सभी त्यौहार वैज्ञानिक आधार लिए हुए होते हैं हर त्यौहार का कोई न कोई संदेश या उद्देश्य महत्वपूर्ण होता है जो लोगों को किसी ने किसी प्रकार की सेवा की प्रेरणा देता है। गौ माता एवं बछड़े की सेवा कर माताएं अपने लिए पुत्र की लंबी उम्र कामना करती है। गौ माता की सेवा से मनुष्य जीवन में आने वाले कष्टों को गौ माता अपने ऊपर ले कर रोक देती है। और मनुष्य के कष्टों से रक्षा करती है।राष्ट्रीय गौ सेवा संघ के तत्वाधान में महिलाओं ने गौ माता को चुनरी ओढाकर पुष्प माला पहनाई और रोटी ,कपास ,फल व गुड खिलाकर गौ माता की आरती की व राखी बांधकर कर जीवनरक्षा का आशीर्वाद लिया और देश में सुख समृद्धि दीर्घायु जीवन की प्रार्थना की। इस अवसर पर गोपालक धनराज का सम्मान किया गया अपने सम्मान के उपरांत गोपालक धनराज ने कहा कि गौ सेवा आत्म कल्याण का मार्ग है गौ सेवा से जो पुण्य मिलता है उससे कष्टों का सहार होता है। इस अवसर पर मुख्य अतिथि भाजपा जिला अध्यक्ष पवन पाटीदार ,राष्ट्रीय गौ सेवा संघ महिला संयोजक एडवोकेट मीनू लालवानी , समाजसेवी नीता तुगनावत, कुलदीप कौर, अर्चना जोशी, विद्या त्रिवेदी, पूनम धामेचा, अनिता लालवानी मुस्कान मोहिनी धामेचा, गीता लालवानी, रितु भंबानी, पुष्पा धामेचा , हरीश भवानी , भरत धामेचा,अंकित श्रीवास्तव, पंकज बैरागी ,पायल लालवानी, गुरमुखसिंह छाबडा, दिलीप लालवानी चंद्रप्रकाश मोमू लालवानी, मंजू धामेचा, लाजवंती अंदानी सहित बडी संख्या में महिलाएं एवं गौभक्त उपस्थित थे।