KHABAR : मंदसौर में संत चिन्मयानंद के मुखारविंद से शुरू हुई रामकथा, संत श्री पत्रकारों से हुए मुखातिब, कहा- सनातन धर्म और संस्कृति को बचाना हमारा पहला कर्तव्य, पढ़े खबर

MP 44 NEWS September 4, 2022, 2:35 pm Technology

मंदसौर में संत चिन्मयानंद के मुखारविंद से रामकथा की जा रही है। शनिवार को पोथी पूजन और चल समारोह का आयोजन किया गया। संत चिन्मयानंद पत्रकारों से मुखातिब हुए और खुलकर अपने विचार रखते हुए मीडिया के सवालों के जवाब भी दिए। उन्होंने कहा कि संत समाज, जागरूक लोग और मीडिया का पहला कर्तव्य है। हमारी सनातनी धर्म और संस्कृति को बचाना। आपने कहा कि हमारी संस्कृति को खत्म करने का एक सुनियोजित तरीके से षडयंत्र रचा जा रहा है। संतश्री ने बताया कि हमारी सनातनी परम्पराएं और संस्कृति इतनी मजबूत है कि मुगल और अंग्रेज भी इसे खत्म नही कर पायें लेकिन अंग्रेज जाते-जाते हमारी मानसिकता में जो अंग्रेजी का और पश्चिमी सभ्यता का बीजारोपण कर गये उसक कारण हमारी संस्कृति को खतरा उत्पन्न होने लगा है। आज हम स्वयं ही हमारी संस्कृति के सबसे बडे दुश्मन हो गये है। पश्चिमी सभ्यता हमारे उपर हावी है। फिल्मों में साधु संतों की छवि खराब करने की कोशिश

संतश्री ने कहा कि हमें भी अपने धर्म के प्रति कट्टर रहना चाहिए। फिल्मी मीडिया के माध्यम से कई बार हिन्दू संस्कृति, साधु, संतों को गलत बताकर उनकी गलत छवि पेश कि जाती है। ऐसे में हमें अपने सनातनी धर्म को बचाने के लिए अपने धर्म के प्रति कट्टर होना चाहिए। आपने कहा कि संत को स्वतंत्र होना चाहिए तभी तो वह संत है यदि संत किसी राजनीतिक पार्टी या राजनेता के प्रचार प्रसार करें तो वह गलत है। इंटरनेट से फैल रही अश्लीलता, चाइल्ड लोक की व्यवस्था हो

उन्होंने कहा कि आज के समय में इंटरनेट के कारण अश्लील सामग्रियों की बाढ़ सी आ गई है। उत्तेजक सामग्री आमजनों तक पहुंच रही है जिससे हमारी मानसिकता दूषित हो रही है और कुछ षडयंत्रकारी लोग यही चाह रहे है कि हमारी मानसिकता दूषित हो और हम और हमारी संस्कृति पिछड जाये। लेकिन कथाओं के कारण ही हमारी सनातनी संस्कृति आज तक जीवित है इसलिए जहां भी कथा हो श्रवण अवश्य करना चाहिए ।

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