KHABAR : जावद में 'जहर मुक्त कृषि शिविर': मंत्री विजयवर्गीय बोले- "रासायनिक खेती से गांवों में पहुंच रहा कैंसर और हार्ट अटैक, जैविक खेती अपनाएं", पढ़े MP44 NEWS की खबर

MP44NEWS March 29, 2026, 11:30 am Technology

जावद । आधुनिक कृषि में रासायनिक खादों और कीटनाशकों के अंधाधुंध उपयोग से मिट्टी की खत्म होती उर्वरता और मानव स्वास्थ्य पर पड़ रहे इसके जानलेवा प्रभावों को लेकर प्रदेश सरकार अब गंभीर है। इसी कड़ी में नीमच जिले के जावद में एक अहम पहल करते हुए 'जहर मुक्त जीरो बजट कृषि प्रशिक्षण शिविर' का भव्य आयोजन किया गया। जावद विधायक ओमप्रकाश सखलेचा के विशेष प्रयासों से आयोजित इस कार्यक्रम में प्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। कार्यक्रम में कृषि ऋषि के नाम से विख्यात और पद्मश्री से सम्मानित सुभाष पालेकर, नीमच विधायक दिलीप सिंह परिहार, भाजपा जिला अध्यक्ष श्रीमती वंदना खंडेलवाल, पूर्व सांसद सुभाष पटेल, नीमच नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती स्वाति चौपड़ा सहित अनेक वरिष्ठ नेता और बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे। रासायनिक खेती से बंजर हो रही जमीन, बढ़ रही बीमारियां शिविर को संबोधित करते हुए और बाद में मीडिया से चर्चा में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने रासायनिक खेती के गंभीर परिणामों पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा, "हरित क्रांति के बाद से रासायनिक खादों का उपयोग बहुत बढ़ गया है। आज पंजाब जैसे राज्यों में इसके दुष्परिणाम सामने आ रहे हैं, जहां जमीनें बंजर हो रही हैं। सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि जहां-जहां रासायनिक खाद और पेस्टिसाइड्स पहुंच रहे हैं, वहां बीमारियां पहुंच रही हैं। आज गांवों में ब्लड प्रेशर, हार्ट अटैक और कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियां तेजी से फैल रही हैं, जो सीधे तौर पर हमारे खान-पान में घुले इसी रसायनों के जहर का नतीजा है।" विधायक सखलेचा की पहल की सराहना, पालेकर को बताया 'प्रोफेसर' किसानों को जागरूक करने के लिए जावद में इस बड़े आयोजन की रूपरेखा तैयार करने वाले स्थानीय विधायक ओमप्रकाश सखलेचा के प्रयासों की मंच से सराहना की गई। मंच पर मौजूद सुभाष पालेकर का सम्मान करते हुए विजयवर्गीय ने कहा, "सुभाष पालेकर जी ने जीरो बजट खेती के क्षेत्र में अभूतपूर्व काम किया है, जिसके लिए प्रधानमंत्री जी ने उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया है। मैं इस विधा में उनका विद्यार्थी हूं और वे मेरे प्रोफेसर हैं।" मंत्री ने किसानों से एक व्यावहारिक शुरुआत करने का आग्रह करते हुए कहा, "मैं किसानों से यह नहीं कहता कि वे एकदम से पूरी खेती का तरीका बदल दें। लेकिन एक प्रयोग जरूर करें। जिस किसान के पास 5 बीघा जमीन है, वह कम से कम 1 बीघा जमीन पर प्राकृतिक (जैविक) खेती करके देखे।" उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार रासायनिक खादों पर हर साल करीब 2 लाख करोड़ रुपये की भारी-भरकम सब्सिडी देती है, लेकिन इस राशि का सीधा लाभ किसानों की जेब में जाने के बजाय, हमारी जमीन और सेहत को नुकसान पहुंचाने में लग रहा है।

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