2 अप्रैल गुरुवार को हनुमान जन्मोत्सव मनाया जा रहा है। ज्योतिषाचार्य की माने तो इस बार ध्रुव योग का संयोग बन रहा है। पंडित अमर डिब्बेवाला के अनुसार चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि पर हनुमान जी के प्राकट्य उत्सव मनाया जाता है। इस बार पूर्णिमा तिथि गुरुवार के दिन हस्त नक्षत्र व ध्रुव योग के संयोग में मनाई जा रही है। कन्या राशि के चंद्रमा की साक्षी रहेगी। शुभ संयोग में आने वाले प्राकट्य उत्सव पर साधु उपासक हनुमान की कृपा प्राप्त करने के लिए अलग-अलग प्रकार से धार्मिक अनुक्रम होंगे। गुरुवार का दिन विशेष महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि यह भगवान विष्णु से भी संबंधित है और श्री राम भगवान विष्णु के ही अवतार माने जाते हैं। इस दिन पूर्णिमा होना गुरुवार का दिन होना हस्त नक्षत्र होना यह उत्तरोत्तर प्रबल माने जाते हैं। इस दृष्टि से इस दिन की गई हनुमान जी की साधना ग्रह पीड़ा से मुक्ति दिलाती है। गेबी हनुमान मंदिर को विशेष रूप से सजाया है। गोरधन महाराज ने बताया 10 क्विंटल चूरमा, 2 क्विंटल खिचड़ी, 100 लीटर खीर का प्रसाद का वितरण होगा। स्थानीय परंपरा में हनुमान जी के अनन्य मंदिर उज्जैन तीर्थ पर अवस्थित है। पूर्व में यहां पर 108 हनुमान की यात्रा का भी उल्लेख मिलता है। इस दृष्टि से इस दिन यथा संभव हो हनुमान मंदिरों का दर्शन करना चाहिए। यह करने से वर्ष पर्यंत हनुमान जी की कृपा बनी रहती है। जन्म कुंडली में जिनको शनि की साढ़ेसाती चल रही हो, शनि की ढैया चल रही हो, शनि-राहु की महादशा हो, राहु राशि से विपरीत हो, राहु पाप राशि गत हो, राहु पापाक्रांत हो एवं मंगल भी विपरीत स्थिति में हो तो ऐसे जातकों को हनुमान जी की विधिवत साधना उपासना करनी चाहिए। इस दिन व्रत रख करके ब्रह्मचर्य का अनुपालन करते हुए हनुमान जी का शास्त्रीय उपक्रम संपादित करना चाहिए। जिसमें अभिषेक पूजन, हनुमान अष्टक, बजरंग बाण, सुंदरकांड का पाठ, पंचमुखी हनुमान कवच आदि स्तोत्र पाठ करने से ग्रह पीड़ा से निवारण होता है। मानसिक शांति होती है और सुरक्षा की प्राप्ति होती है। उज्जैन में बाल हनुमान मंदिर, गेबी हनुमान, खड़े हनुमान, खेड़ापति हनुमान, श्री राम चैतन्य बाल हनुमान मंदिर, चिंताहरण हनुमान मंदिर, गुमानदेव हनुमान, सहित शहर के एनी हनुमान मंदिर में विशेष आयोजन हो रहे हैं। मौनतीर्थ पीठ के 108 वर्षीय अखंड महामृत्युंजय महायज्ञ के 10 वर्ष पूर्ण होने पर हनुमान जन्मोत्सव पर सुंदरकांड के प्रत्येक दोहे और चौपाई पर 586 आहुतियां दी जा रही हैं। श्री राम चैतन्य बाल हनुमान मंदिर में 56 भोग लग रहा है।