KHABAR : मालवा का सालासर बना नीमच का बालाजी धाम: हनुमान जन्मोत्सव धूमधाम से, 25 क्विंटल फलों से सजा मंदिर, पढ़े MP44 NEWS खबर

MP44NEWS April 2, 2026, 6:47 pm Technology

मंदसौर जिले के मलहारगढ़ विकासखंड के ग्राम कनघट्टी के प्रगतिशील किसान राजेश आर्य ने आधुनिक कृषि तकनीक अपनाकर खेती में नया बदलाव किया है। उनकी पहल से न केवल उनकी आय में वृद्धि हुई है, बल्कि आसपास के किसान भी इससे प्रेरित हो रहे हैं। योजना के तहत उन्होंने स्ट्रॉ रीपर मशीन खरीदी, जिसमें उन्हें करीब 1.50 लाख रुपए का अनुदान मिला। इस मशीन के जरिए वे गेहूं कटाई के बाद खेतों में बचे फसल अवशेष (नरवाई) को भूसे में बदल रहे हैं। पहले जहां किसान नरवाई जलाने को मजबूर होते थे, वहीं अब यह समस्या समाधान में बदल गई है। राजेश आर्य गांव और आसपास के क्षेत्रों में किसानों के खेतों से हार्वेस्टर के बाद बचे अवशेषों को नि:शुल्क साफ करते हैं और स्ट्रॉ रीपर से भूसा तैयार करते हैं। इस प्रक्रिया में प्रति ट्रॉली करीब 10 से 15 किलोग्राम गेहूं भी एकत्रित होता है, जिसे संबंधित किसान को वापस कर दिया जाता है। इस पहल के कई सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। किसानों को खेत साफ करने की चिंता से राहत मिली है, अतिरिक्त गेहूं की प्राप्ति हो रही है और भूसे के उपयोग व बिक्री से आय बढ़ रही है। साथ ही नरवाई जलाने की आवश्यकता खत्म होने से पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिला है और मृदा स्वास्थ्य में सुधार हो रहा है। तैयार किया गया भूसा स्थानीय गौशालाओं में बेचा जा रहा है, जिससे अतिरिक्त आय का स्रोत भी विकसित हुआ है। राजेश आर्य की यह पहल दर्शाती है कि आधुनिक तकनीक और नवाचार के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाया जा सकता है। यह मॉडल क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए प्रेरणा बनकर उभर रहा है।

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