नीमच। क्रिकेट के बड़े टूर्नामेंट Indian Premier League (IPL) के साथ ही नीमच जिले में ऑनलाइन सट्टेबाजी का नेटवर्क एक बार फिर सक्रिय होता नजर आ रहा है। डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए संचालित यह अवैध कारोबार अब पारंपरिक तरीकों से आगे बढ़ चुका है, जिससे निगरानी एजेंसियों के सामने नई चुनौती खड़ी हो गई है। सूत्रों के अनुसार, सट्टेबाजी का यह नेटवर्क मोबाइल ऐप्स, व्हाट्सएप ग्रुप्स और ऑनलाइन आईडी के माध्यम से संचालित हो रहा है। हर मैच, ओवर और गेंद पर दांव लगाया जा रहा है, जबकि लेन-देन के लिए डिजिटल पेमेंट और अन्य गुप्त तरीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है। इस पूरे नेटवर्क में स्थानीय स्तर पर सक्रिय कथित एजेंटों के रूप में हरप्रीत, मोनू, सैनी, आयुष, विक्रम, विवेक, चंडी, चिराग, वाहिद, जाकिर, हरीश के साथ-साथ हमीर, पीयूष, जयेश और यश के नाम सामने आए हैं। सूत्रों का दावा है कि ये लोग ग्राहकों को जोड़ने, आईडी उपलब्ध कराने और सट्टे का संचालन करने में भूमिका निभा रहे हैं। हालांकि इन नामों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। सबसे गंभीर पहलू यह है कि इतने बड़े स्तर पर नेटवर्क के सक्रिय होने के बावजूद ठोस कार्रवाई का अभाव कई सवाल खड़े कर रहा है। चर्चाओं में यह भी सामने आ रहा है कि इस पूरे सिंडिकेट को किसी प्रभावशाली व्यक्ति का संरक्षण प्राप्त हो सकता है, हालांकि इसकी पुष्टि स्वतंत्र रूप से नहीं हो सकी है। आईपीएल सीजन के दौरान सक्रिय यह हाईटेक नेटवर्क अब पुलिस और साइबर सेल के लिए बड़ी चुनौती बन चुका है। लगातार सामने आ रही जानकारियों के बीच अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जिम्मेदार एजेंसियां इस पूरे मामले में क्या कार्रवाई करती हैं और क्या इस नेटवर्क की जड़ तक पहुंच पाती हैं।