मंदसौर। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने देश के कॉरपोरेट ढांचे को और अधिक पारदर्शी, जवाबदेह एवं आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए ‘कॉरपोरेट कानून (संशोधन) विधेयक, 2026’ के विस्तृत परीक्षण एवं समीक्षा के लिए संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) का गठन किया है। इस समिति के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी मंदसौर नीमच जावरा संसदीय क्षेत्र के सांसद सुधीर गुप्ता को सौंपी गई है। सांसद सुधीर गुप्ता को समिति का अध्यक्ष बनाए जाने से मंदसौर-नीमच संसदीय क्षेत्र सहित पूरे मध्यप्रदेश में हर्ष का वातावरण है।
इस समिति में कुल 30 सदस्य हैं, जिनमें से 21 सदस्य लोकसभा से और 9 सदस्य राज्यसभा से नामित किए गए है ।
कमलजीत सहरावत, मकेश कुमार चंद्रकांत दलाल, बैजयंत पांडा, निशिकांत दुबे तेजस्वी सूर्या, पी. पी. चौधरी, कोंडा विश्वेश्वर रेड्डी, शशांक मणि, वरुण चौधरी सुधा आर., प्रतिभा धानोरकर, राहुल कस्वां, डिंपल यादव, महुआ मोइत्रा, दयानिधि मारन, मगंटा, श्रीनिवासुलु रेड्डी, सुप्रिया सुले, देवेश चंद्र ठाकुर, अनिल यशवंत देसाई, नरेश गणपत म्हस्के है। वहीं राज्यसभा से विनोद तावड़े, सजीत कुमार, उज्ज्वल निकम, हर्षवर्धन श्रृंगला, विवेक तन्खा, आर. गिरिराजन, एस. निरंजन रेड्डी, संजय कुमार झा, मस्तान राव यादव बीडा शामिल है।
यह समिति प्रस्तावित विधेयक के विभिन्न प्रावधानों का गहन अध्ययन करेगी तथा उद्योग, व्यापार, निवेश, कॉरपोरेट प्रशासन और निवेशकों के हितों को ध्यान में रखते हुए अपनी अनुशंसाएं केंद्र सरकार को सौंपेगी। समिति में विभिन्न राजनीतिक दलों के सांसदों को शामिल किया गया है, जिससे व्यापक विमर्श और सर्वसम्मति के आधार पर सुझाव तैयार किए जा सकें।
सांसद सुधीर गुप्ता लंबे समय से संसद में जनहित, विकास और आर्थिक विषयों को प्रभावी ढंग से उठाते रहे हैं। संसदीय कार्यों में उनकी सक्रियता और प्रशासनिक समझ को देखते हुए उन्हें यह महत्वपूर्ण दायित्व सौंपा गया है। राजनीतिक और औद्योगिक क्षेत्र के जानकारों का मानना है कि उनके नेतृत्व में समिति कॉरपोरेट क्षेत्र में पारदर्शिता, निवेश संरक्षण और व्यापार सुगमता से जुड़े महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत करेगी।
‘कॉरपोरेट कानून (संशोधन) विधेयक, 2026’ का उद्देश्य देश में बदलते आर्थिक परिवेश और वैश्विक व्यापार मानकों के अनुरूप कॉरपोरेट कानूनों को अद्यतन करना माना जा रहा है। विधेयक में कंपनियों की जवाबदेही, निवेशकों के हितों की सुरक्षा, कॉरपोरेट गवर्नेंस को मजबूत करने, स्टार्टअप एवं नवाचार को प्रोत्साहन देने और प्रक्रियाओं को सरल बनाने जैसे कई महत्वपूर्ण प्रावधान शामिल होने की संभावना है।
समिति विभिन्न उद्योग संगठनों, विधि विशेषज्ञों, चार्टर्ड अकाउंटेंट्स, व्यापारिक संस्थाओं और संबंधित पक्षों से सुझाव प्राप्त करेगी। इसके बाद विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर संसद के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी। माना जा रहा है कि इस प्रक्रिया से देश में निवेश का वातावरण और अधिक मजबूत होगा तथा ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को भी गति मिलेगी।
सांसद सुधीर गुप्ता ने समिति के अध्यक्ष बनाए जाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, सहकारिता मंत्री अमित शाह एवं लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला एवं शीर्ष नेतृत्व का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह जिम्मेदारी केवल व्यक्तिगत सम्मान नहीं, बल्कि मंदसौर संसदीय क्षेत्र और मध्यप्रदेश के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि समिति निष्पक्षता और व्यापक विचार-विमर्श के साथ कार्य करते हुए देशहित में प्रभावी सुझाव प्रस्तुत करेगी।
क्षेत्र के भाजपा कार्यकर्ताओं, सामाजिक संगठनों और व्यापारिक वर्ग ने सांसद सुधीर गुप्ता को इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के लिए बधाई देते हुए विश्वास जताया कि उनके नेतृत्व में समिति देश की आर्थिक व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाएगी।