नीमच। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर रविवार को नीमच जिला तैराकी संघ के तत्वावधान में कनावटी स्थित ज्ञानोदय स्विमिंग पूल में वॉटर योग का आयोजन किया गया। तैराकी और योग के अनूठे संगम वाले इस आयोजन में खिलाड़ियों, अभिभावकों तथा संघ पदाधिकारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर स्वस्थ जीवनशैली, मानसिक संतुलन और शारीरिक फिटनेस का संदेश दिया।
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस को विशेष रूप से मनाने के उद्देश्य से आयोजित कार्यक्रम में नीमच जिला तैराकी संघ ने तैराकी गतिविधियों के साथ योग को जोड़ते हुए अभिनव पहल की। ज्ञानोदय स्विमिंग एकेडमी के कोच रवि कुमार सोनी के नेतृत्व में स्विमिंग पूल के भीतर खिलाड़ियों और प्रतिभागियों ने विभिन्न वॉटर योग अभ्यास किए। जल में किए गए योगासन और संतुलन संबंधी क्रियाओं ने प्रतिभागियों को अलग अनुभव प्रदान किया। कार्यक्रम में जिला तैराकी संघ के अध्यक्ष अशोक मोदी, उपाध्यक्ष प्रकाश मंडवारिया, जिला सचिव तरुण ओझा, मास्टर नेशनल तैराक मोहन गेहलोद, राकेश बंसल, राजेश वर्मा ‘पप्पी’, विष्णु मोदी, रामगोपाल मोदी, अनिल सुराना, मुकेश चतुर्वेदी, भगवती प्रसाद, शरद पाटीदार तथा गौतम पटौदी सहित संघ के पदाधिकारी, तैराक खिलाड़ी और उनके अभिभावक मौजूद रहे। सभी ने योग को नियमित दिनचर्या का हिस्सा बनाने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प भी लिया।
तैराकी और योग का दिखा अनूठा समन्वय-
वॉटर योग के दौरान प्रतिभागियों ने जल के भीतर संतुलन, श्वास नियंत्रण और लचीलेपन पर आधारित गतिविधियां कीं। विशेषज्ञों के अनुसार तैराकी के साथ योग का अभ्यास खिलाड़ियों की शारीरिक क्षमता बढ़ाने के साथ मानसिक मजबूती विकसित करने में भी सहायक होता है। इसी उद्देश्य से जिला तैराकी संघ ने योग दिवस पर यह विशेष आयोजन रखा।
खिलाड़ियों के सर्वांगीण विकास पर जोर-
संघ पदाधिकारियों ने कहा कि तैराकी केवल एक खेल नहीं बल्कि अनुशासन, धैर्य और आत्मविश्वास विकसित करने का माध्यम भी है। योग को प्रशिक्षण प्रक्रिया से जोड़ने से खिलाड़ियों की एकाग्रता, शारीरिक संतुलन और प्रदर्शन क्षमता में सकारात्मक सुधार आता है। वॉटर योग का आयोजन इसी सोच के साथ किया गया ताकि खिलाड़ी खेल के साथ स्वास्थ्य और मानसिक सुदृढ़ता को भी प्राथमिकता दें।
स्वस्थ समाज निर्माण का दिया संदेश-
आयोजन के माध्यम से जिला तैराकी संघ ने खेल, योग और स्वास्थ्य को एक-दूसरे का पूरक बताते हुए नियमित व्यायाम तथा सक्रिय जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया। खिलाड़ियों और अभिभावकों की संयुक्त भागीदारी ने कार्यक्रम को सामाजिक जागरूकता का स्वरूप भी प्रदान किया